राजौरी में 3 संदिग्ध ड्रोन की घुसपैठ नाकाम, भारतीय सेना की त्वरित कार्रवाई
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Rajouri Drone
नौशहरा सेक्टर में तीन संदिग्ध ड्रोन भारतीय सीमा की ओर बढ़ते दिखे।
भारतीय सेना की त्वरित काउंटर-ड्रोन कार्रवाई के बाद ड्रोन वापस लौटे।
घटना के बाद एलओसी और आसपास के संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई।
New Delhi / जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास भारतीय सेना ने संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन की भारतीय सीमा में घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया। नौशहरा सेक्टर के रूमलीधारा इलाके में तीन संदिग्ध ड्रोन भारतीय क्षेत्र की ओर बढ़ते हुए दिखाई दिए। सीमा पर तैनात जवानों ने हवाई गतिविधि को देखते ही सतर्कता बढ़ाई और निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया के तहत तत्काल जवाबी कार्रवाई शुरू की।
सेना की प्रभावी काउंटर-ड्रोन कार्रवाई के बाद तीनों संदिग्ध ड्रोन भारतीय क्षेत्र में आगे नहीं बढ़ सके और नियंत्रण रेखा पार कर वापस लौटने पर मजबूर हो गए। घटना के बाद नौशहरा सेक्टर में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। सेना के जवान पूरे इलाके में चौबीसों घंटे निगरानी कर रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, रूमलीधारा क्षेत्र में संदिग्ध हवाई गतिविधि दिखाई देने के बाद भारतीय सेना पूरी तरह अलर्ट हो गई। जवानों ने तीन ड्रोन को भारतीय हवाई क्षेत्र की दिशा में आते देखा। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल आवश्यक कदम उठाए। सेना की त्वरित प्रतिक्रिया और कड़ी चुनौती के कारण ड्रोन भारतीय क्षेत्र में किसी भी तरह की गतिविधि को अंजाम देने में सफल नहीं हो सके।
एलओसी के नजदीक ड्रोन गतिविधियों को सुरक्षा एजेंसियां गंभीर चुनौती के तौर पर देखती हैं। ऐसे ड्रोन का इस्तेमाल सीमावर्ती क्षेत्रों की निगरानी, सुरक्षा प्रतिष्ठानों से जुड़ी जानकारी जुटाने या अन्य संदिग्ध गतिविधियों के प्रयास के लिए किया जा सकता है। हालांकि, इस घटना में ड्रोन के वास्तविक उद्देश्य को लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
नौशहरा सेक्टर में बढ़ाई गई निगरानी
नौशहरा सेक्टर पहले से ही सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल है। नियंत्रण रेखा के नजदीक स्थित होने के कारण यहां सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल प्रतिक्रिया देने के लिए लगातार सतर्क रहती हैं। तीन संदिग्ध ड्रोन एक साथ दिखाई देने के बाद इलाके में निगरानी और बढ़ा दी गई है।
सीमा पर तैनात जवान संभावित घुसपैठ और संदिग्ध हवाई गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। सुरक्षा बलों को संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय स्तर पर भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाए गए हैं।
आधुनिक तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच भारतीय सेना अपनी हवाई निगरानी और काउंटर-ड्रोन क्षमता को मजबूत करने पर लगातार ध्यान दे रही है। सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन के जरिए होने वाली संभावित गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सुरक्षा बल तकनीकी और मानवीय निगरानी दोनों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
सेना की त्वरित कार्रवाई से टला संभावित खतरा
तीन संदिग्ध ड्रोन के भारतीय क्षेत्र की ओर बढ़ने की घटना के बाद सेना की त्वरित कार्रवाई ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। जवाबी कार्रवाई के बाद ड्रोन नियंत्रण रेखा के पार लौट गए। फिलहाल घटना के बाद सुरक्षा बल पूरे क्षेत्र में लगातार निगरानी कर रहे हैं।
अधिकारियों की ओर से मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। ड्रोन कहां से आए और उनका उद्देश्य क्या था, इसे लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
घटना एक बार फिर LoC पर भारतीय सेना की सतर्कता और निगरानी व्यवस्था को सामने लाती है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में तैनात जवान संभावित घुसपैठ और हवाई गतिविधियों पर नजर रखते हुए किसी भी खतरे से निपटने के लिए तैयार हैं। फिलहाल नौशहरा सेक्टर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में हाई अलर्ट जैसी सतर्कता के साथ निगरानी जारी है।