Indian Navy News: वियतनाम पहुंचे INS उदयगिरि और INS कवरत्ती
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Indian Navy Ships
आईएनएस उदयगिरि और आईएनएस कवरत्ती वियतनाम के हो ची मिन्ह सिटी पहुंचे।
भारतीय और वियतनामी नौसेना के बीच संयुक्त गतिविधियां आयोजित होंगी।
समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी को मिलेगा नया बल।
Delhi / भारतीय नौसेना के दो अत्याधुनिक स्वदेशी युद्धपोत, आईएनएस उदयगिरि और आईएनएस कवरत्ती, दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में अपनी परिचालन तैनाती के दौरान वियतनाम के हो ची मिन्ह सिटी स्थित न्हा रोंग बंदरगाह पहुंच गए हैं। यह यात्रा भारत और वियतनाम के बीच बढ़ते सामरिक एवं समुद्री सहयोग का महत्वपूर्ण प्रतीक मानी जा रही है।
आईएनएस उदयगिरि एक आधुनिक स्टेल्थ फ्रिगेट है, जिसे भारतीय नौसेना की उन्नत युद्धक क्षमताओं को ध्यान में रखते हुए स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित किया गया है। वहीं आईएनएस कवरत्ती एक पनडुब्बी रोधी युद्धक कार्वेट है, जो समुद्री सुरक्षा और निगरानी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इन दोनों युद्धपोतों का नेतृत्व पूर्वी बेड़े के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग रियर एडमिरल आलोक आनंद कर रहे हैं। हो ची मिन्ह सिटी पहुंचने पर वियतनाम पीपुल्स नेवी के अधिकारियों, स्थानीय प्रशासन और बंदरगाह अधिकारियों ने भारतीय नौसेना के दल का गर्मजोशी से स्वागत किया। यह स्वागत दोनों देशों के बीच मजबूत और भरोसेमंद संबंधों को दर्शाता है।
बंदरगाह प्रवास के दौरान भारतीय नौसेना और वियतनाम पीपुल्स नेवी के बीच कई महत्वपूर्ण गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इनमें पेशेवर चर्चाएं, क्रॉस-डेक विजिट, खेल प्रतियोगिताएं और सामुदायिक संपर्क कार्यक्रम शामिल हैं। इन गतिविधियों का उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच आपसी समझ बढ़ाना और संचालन संबंधी सहयोग को मजबूत करना है।
इसके अलावा दोनों देशों के वरिष्ठ नौसैनिक अधिकारियों के बीच उच्च स्तरीय बैठकें भी आयोजित होंगी। इन बैठकों में क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री चुनौतियों और भविष्य के सहयोग पर विचार-विमर्श किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के संवाद हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
यह यात्रा इसलिए भी विशेष महत्व रखती है क्योंकि मई 2026 में भारत और वियतनाम ने अपने संबंधों को "उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी" के स्तर तक पहुंचाया था। इसके बाद वियतनाम में भारतीय नौसेना की यह पहली बड़ी उपस्थिति है, जो दोनों देशों की बढ़ती रणनीतिक निकटता को दर्शाती है।
भारत और वियतनाम लंबे समय से रक्षा, व्यापार और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग करते रहे हैं। भारतीय नौसेना के इन युद्धपोतों की यह यात्रा न केवल सैन्य सहयोग को मजबूत करेगी, बल्कि दोनों देशों के बीच विश्वास, मित्रता और साझा सुरक्षा हितों को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक महत्व के बीच यह दौरा भारत की "एक्ट ईस्ट" नीति और क्षेत्रीय समुद्री सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।