Iran News: 60 दिन के रोडमैप के बीच पाकिस्तान जाएंगे ईरानी राष्ट्रपति
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International News
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन के पाकिस्तान दौरे की संभावना।
अमेरिका-ईरान वार्ता के लिए 60 दिनों का कूटनीतिक रोडमैप तैयार।
होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति पर विशेष जोर।
Delhi / मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच नई कूटनीतिक पहल तेज होती दिखाई दे रही है। इसी क्रम में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन के मंगलवार को पाकिस्तान दौरे की संभावना जताई जा रही है। पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, इस संभावित दौरे का उद्देश्य क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और अमेरिका-ईरान वार्ता को आगे बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना हो सकता है।
रिपोर्टों के मुताबिक, यह दौरा ऐसे समय में प्रस्तावित है जब स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक में अमेरिका और ईरान के बीच महत्वपूर्ण वार्ता आयोजित हुई है। इस बैठक में पाकिस्तान और कतर ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई। वार्ता के दौरान दोनों पक्षों ने 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए एक रोडमैप तैयार करने पर सहमति जताई है।
बताया जा रहा है कि इस प्रक्रिया के तहत ईरान के परमाणु कार्यक्रम, आर्थिक प्रतिबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर तकनीकी स्तर की बातचीत आगे बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और क्षेत्रीय तनाव कम करने के लिए भी नए तंत्र विकसित किए जा रहे हैं।
संयुक्त बयान के अनुसार, एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है, जो पूरी मध्यस्थता प्रक्रिया की राजनीतिक निगरानी करेगी। वहीं अलग-अलग कार्य समूह परमाणु मुद्दों, प्रतिबंधों, निगरानी व्यवस्था और विवाद समाधान से जुड़े विषयों पर काम करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, लेबनान में स्थिरता बनाए रखने और सैन्य गतिविधियों को रोकने के लिए एक विशेष “विवाद-निवारण प्रकोष्ठ” बनाने पर भी सहमति बनी है, जिसका संचालन पाकिस्तान और कतर मिलकर करेंगे।
ईरानी विदेश मंत्रालय ने भी पुष्टि की है कि समझौते के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए आवश्यक तंत्र विकसित किए जा रहे हैं और विशेषज्ञ स्तर की वार्ताएं जारी रहेंगी। ऐसे में मसूद पेज़ेश्कियन का संभावित पाकिस्तान दौरा क्षेत्रीय कूटनीति और अमेरिका-ईरान संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आगामी बातचीत से मध्य पूर्व में स्थिरता और शांति की दिशा में कितना ठोस परिणाम निकलता है।