IIT Story Book Released: ओम बिरला ने IITs को आधुनिक भारत की पहचान बताया

Sat 20-Jun-2026,11:40 PM IST +05:30

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IIT Story Book Released: ओम बिरला ने IITs को आधुनिक भारत की पहचान बताया IIT Kharagpur
  • ओम बिरला ने IITs को भारत की आधुनिक ज्ञान परंपरा का प्रतीक बताया।

  • IITs के योगदान को नवाचार, अनुसंधान और राष्ट्र निर्माण से जोड़ा।

  • युवाओं से विज्ञान और तकनीक को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने की अपील।

West Bengal / Kharagpur :

Kharagpur / लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा है कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपराओं को आधुनिक युग में आगे बढ़ाने का कार्य भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IIT) ने किया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह तक्षशिला, नालंदा और विक्रमशिला जैसे प्राचीन विश्वविद्यालय ज्ञान और शिक्षा के केंद्र थे, उसी तरह आज आईआईटी आधुनिक विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भारत की पहचान बन चुके हैं।

नई दिल्ली में पुस्तक ‘IIT - The Story of India’s Most Prestigious Educational Ecosystem’ के लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए ओम बिरला ने कहा कि यह पुस्तक केवल एक शैक्षणिक संस्थान की कहानी नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के आत्मविश्वास, ज्ञान और राष्ट्र निर्माण की यात्रा का दस्तावेज है। इस अवसर पर उन्होंने पुस्तक का औपचारिक विमोचन भी किया।

उन्होंने कहा कि आईआईटी खड़गपुर से शुरू हुई यह ऐतिहासिक यात्रा आज देश के 23 आईआईटी संस्थानों तक पहुंच चुकी है। इन संस्थानों से निकले छात्र दुनिया भर में विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व कर रहे हैं और भारत का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आईआईटी ने उत्कृष्टता, नवाचार और वैश्विक नेतृत्व की संस्कृति को विकसित किया है।

ओम बिरला ने विशेष रूप से आईआईटी खड़गपुर के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि हिजली निरोध शिविर का एक विश्वस्तरीय तकनीकी संस्थान में बदलना स्वतंत्र भारत की परिवर्तनकारी शक्ति का प्रतीक है। यह संघर्ष से सृजन और पराधीनता से आत्मनिर्भरता तक की प्रेरणादायक यात्रा को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि आईआईटी के शिक्षकों, वैज्ञानिकों और पूर्व छात्रों ने उद्योग, अंतरिक्ष अनुसंधान, सूचना प्रौद्योगिकी, डिजिटल क्रांति और वैज्ञानिक शोध के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। भाखड़ा परियोजना में योगदान देने वाले युवा इंजीनियरों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में तकनीकी विशेषज्ञों की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है।

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि भारत अब "ब्रेन ड्रेन" से "ब्रेन गेन" की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आज देश में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रोबोटिक्स, क्वांटम तकनीक, हरित ऊर्जा और अंतरिक्ष विज्ञान जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए लगातार निवेश और नीतिगत सहयोग प्रदान कर रही है।

युवाओं को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि केवल व्यक्तिगत सफलता ही लक्ष्य नहीं होना चाहिए, बल्कि राष्ट्र और समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इतिहास उन्हीं लोगों को याद रखता है जो चुनौतियों को स्वीकार कर नए रास्ते बनाते हैं।

अपने संबोधन के अंत में ओम बिरला ने शिक्षण संस्थानों, वैज्ञानिकों, उद्योग जगत और युवाओं से विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने विश्वास जताया कि आईआईटी की नई पीढ़ी विज्ञान, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व को साथ लेकर भारत को वैश्विक नेतृत्व की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।