Vice President in Ladakh: सिंधु घाट, पश्मीना फार्म और ITBP जवानों से की मुलाकात
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Hall of Fame Memorial
उपराष्ट्रपति ने हॉल ऑफ फेम युद्ध स्मारक में वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।
सिंधु घाट, पश्मीना फार्म और रॉक चेक डैम का निरीक्षण किया।
ITBP जवानों के साहस और समर्पण की सराहना की।
Leh / उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने अपने तीन दिवसीय लद्दाख दौरे के दूसरे दिन कई महत्वपूर्ण स्थलों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने लेह स्थित हॉल ऑफ फेम युद्ध स्मारक, पवित्र सिंधु घाट, उपशी के पश्मीना बकरी फार्म और सिंधु नदी पर बने पहले रॉक चेक डैम का निरीक्षण किया। उनके साथ लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना भी मौजूद रहे।
लेह के प्रसिद्ध हॉल ऑफ फेम युद्ध स्मारक में उपराष्ट्रपति ने भारतीय सशस्त्र बलों के वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए सैनिकों का समर्पण, साहस और बलिदान हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने सेना द्वारा इस स्मारक के संरक्षण और रखरखाव की भी सराहना की। उपराष्ट्रपति ने भारत-पाकिस्तान और भारत-चीन युद्धों से जुड़ी दीर्घाओं का अवलोकन करते हुए सैनिकों की वीरता को नमन किया।
इसके बाद उन्होंने सिंधु घाट पहुंचकर पूजनीय सिंधु नदी के तट पर प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि सिंधु नदी भारत की सभ्यतागत विरासत, सांस्कृतिक एकता और ऐतिहासिक पहचान का प्रतीक है। यह नदी सदियों से देश की संस्कृति और परंपराओं को जोड़ने का कार्य करती रही है।
उपराष्ट्रपति ने उपशी स्थित पश्मीना बकरी फार्म का भी दौरा किया, जहां उन्होंने विश्व प्रसिद्ध पश्मीना ऊन के उत्पादन और संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने चांगथांगी नस्ल की बकरियों और पश्मीना उद्योग को लद्दाख की अमूल्य धरोहर बताया। साथ ही फार्म द्वारा स्थानीय लोगों, विशेषकर महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में निभाई जा रही भूमिका की प्रशंसा की।
दौरे के दौरान उन्होंने सिंधु जल समृद्धि अभियान के तहत बनाए गए सिंधु नदी के पहले रॉक चेक डैम का निरीक्षण भी किया। उन्होंने इस परियोजना को जल संरक्षण और सिंचाई की समस्या के समाधान की दिशा में एक अभिनव कदम बताया। उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह पर्यावरण अनुकूल और कम लागत वाली पहल किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो सकती है, क्योंकि इससे सिंधु नदी के उथले हिस्सों में जलस्तर बढ़ेगा और खेती के लिए पानी उपलब्ध होगा।
उन्होंने इस परियोजना की परिकल्पना और नेतृत्व के लिए उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना की सराहना की और कहा कि ऐसे प्रयास लद्दाख के सतत विकास और जल सुरक्षा को मजबूत करेंगे।
बाद में उपराष्ट्रपति ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) की पांचवीं बटालियन के जवानों से भी मुलाकात की। उन्होंने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में देश की सीमाओं की सुरक्षा कर रहे जवानों के साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की प्रशंसा की।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 19 से 21 जून तक लद्दाख के दौरे पर हैं। अपने दौरे के अंतिम दिन वे लेह में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में भी भाग लेंगे, जहां बड़ी संख्या में युवा, सुरक्षा बलों के जवान और स्थानीय नागरिक शामिल होंगे।