Lucknow Fire Tragedy: कोचिंग सेंटर में आग से 15 बच्चों की मौत पर देश शोकाकुल
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Lucknow Fire
लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड में 15 बच्चों की दर्दनाक मौत।
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया।
हादसे के कारणों की जांच जारी, राहत और बचाव अभियान तेज।
Lucknow / लखनऊ के अलीगंज इलाके में स्थित एक कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में लगी भीषण आग ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में करीब 15 बच्चों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। आग उस इमारत में लगी जहां कोचिंग सेंटर के साथ-साथ लाइब्रेरी, पेट शॉप और गेमिंग जोन भी संचालित हो रहे थे। देखते ही देखते आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया और कई परिवारों की खुशियां छीन लीं।
घटना के बाद देश के प्रमुख नेताओं और राजनीतिक दलों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस हादसे को अत्यंत दुखद बताते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह घटना बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना बेहद दर्दनाक है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा बीच में छोड़ दिया और तत्काल लखनऊ लौट आए। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया, अधिकारियों से पूरी जानकारी ली और घायलों का हाल जानने के लिए केजीएमयू भी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना अत्यंत हृदयविदारक है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लखनऊ में आग लगने की घटना में हुई मौतें बेहद दुखद हैं। प्रधानमंत्री ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, बसपा प्रमुख मायावती और उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भी घटना पर शोक व्यक्त किया। वहीं विपक्षी नेताओं ने इस हादसे को प्रशासनिक लापरवाही से जोड़ते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है। प्रशासन हादसे के कारणों की जांच कर रहा है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आग कैसे लगी और सुरक्षा मानकों में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई। पूरे देश की नजर अब जांच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।