Russia-Ukraine War: वोरोनिश में धमाकों से दहला रूस, सेमीकंडक्टर प्लांट पर हमला
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Russia-Ukraine War
यूक्रेन ने रूस के वोरोनिश क्षेत्र में सेमीकंडक्टर प्लांट को निशाना बनाया।
हमले में तीन लोग घायल, कई धमाकों की आवाजें सुनाई दीं।
ट्यूमेन रिफाइनरी के बाद रूस के रणनीतिक ठिकानों पर बढ़े हमले।
Delhi / रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। सोमवार को रूस के वोरोनिश क्षेत्र में कई जोरदार धमाकों की खबर सामने आई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, यूक्रेन ने शहर के पास स्थित एक महत्वपूर्ण सेमीकंडक्टर प्लांट को निशाना बनाया। हमलों के बाद घटनास्थल के ऊपर धुएं के बड़े-बड़े गुबार उठते देखे गए।
रूसी अधिकारियों ने भी हमले की पुष्टि की है। क्षेत्र के गवर्नर ने बताया कि सुरक्षा बलों ने आसमान में दिखाई दिए कई संदिग्ध लक्ष्यों को मार गिराया। हालांकि, इस दौरान एक औद्योगिक इकाई को नुकसान पहुंचा और तीन लोग घायल हो गए। अधिकारियों ने प्रभावित फैक्ट्री का नाम सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि हमला ‘स्बोर्का’ नामक सेमीकंडक्टर प्लांट पर हुआ।
बताया जा रहा है कि इस प्लांट में ट्रांजिस्टर, डायोड और इंटीग्रेटेड सर्किट जैसे महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक पुर्जे तैयार किए जाते हैं। इनका इस्तेमाल रूस की रक्षा प्रणालियों, रडार नेटवर्क और S-400 एयर डिफेंस सिस्टम सहित कई सैन्य उपकरणों में किया जाता है। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि हमले में स्टॉर्म शैडो मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इससे एक दिन पहले यूक्रेन ने रूस के साइबेरिया क्षेत्र में स्थित ट्यूमेन ऑयल रिफाइनरी पर भी बड़ा ड्रोन हमला किया था। यह हमला इसलिए खास माना जा रहा है क्योंकि रिफाइनरी यूक्रेन की सीमा से करीब 2,500 किलोमीटर दूर स्थित है। इससे यह संकेत मिलता है कि यूक्रेन अब रूस के अंदरूनी इलाकों तक लंबी दूरी के हमले करने की क्षमता रखता है।
ट्यूमेन रिफाइनरी रूस के प्रमुख तेल उत्पादन क्षेत्रों में शामिल है और हर साल करोड़ों बैरल कच्चे तेल का प्रसंस्करण करती है। ऐसे में ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र से जुड़े ठिकानों पर लगातार हमले रूस के लिए नई चुनौती बनते जा रहे हैं।
गौरतलब है कि वोरोनिश क्षेत्र पहले भी यूक्रेनी हमलों का निशाना बन चुका है। जनवरी में भी यहां कई धमाकों की आवाजें सुनाई दी थीं, जब रूसी वायु रक्षा प्रणालियां कथित तौर पर ड्रोन हमलों को रोकने की कोशिश कर रही थीं। ताजा घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि दोनों देशों के बीच संघर्ष अभी थमने वाला नहीं है और युद्ध का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।