पूसा कृषि विज्ञान मेला 2026: AI, नवाचार और आत्मनिर्भर खेती पर फोकस
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पूसा कृषि विज्ञान मेला 2026 में एक लाख से अधिक किसानों की भागीदारी, आधुनिक तकनीकों और आय-केंद्रित खेती पर विशेष जोर।
रोबोटिक्स, एआई और डिजिटल एग्रीकल्चर जैसे विषयों पर सत्र, महिला किसानों और SHGs के लिए विशेष उद्यमिता कार्यक्रम।
New Delhi/ नई दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘पूसा कृषि विज्ञान मेला 2026’ की विस्तृत जानकारी साझा की गई। यह तीन दिवसीय कृषि मेला 25 से 27 फरवरी 2026 तक पूसा परिसर में आयोजित होगा। मेले की थीम “विकसित कृषि- आत्मनिर्भर भारत” रखी गई है, जिसका उद्देश्य सतत, जलवायु-अनुकूल और आय-केंद्रित कृषि को बढ़ावा देना है। देशभर से एक लाख से अधिक किसानों के शामिल होने की संभावना जताई गई है।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए संस्थान के निदेशक डॉ. सी.एच. श्रीनिवास राव ने बताया कि मेले का उद्घाटन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा किया जाएगा, जबकि समापन अवसर पर केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। उन्होंने कहा कि मेले में IARI, ICAR के विभिन्न संस्थानों और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के 200 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां उन्नत तकनीकों और नई कृषि पद्धतियों का प्रदर्शन होगा।
इस वर्ष मेले में रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल एग्रीकल्चर और वर्टिकल फार्मिंग जैसे आधुनिक विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। किसानों के लिए प्रश्न-उत्तर सत्र रखे जाएंगे, जिससे वे विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर सकें। शहरी लोगों को बालकनी या सीमित स्थान पर सब्जी उत्पादन के लिए प्रेरित किया जाएगा।
2026 को ‘अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है, इसलिए महिला किसानों और स्वयं सहायता समूहों को उद्यमिता, मूल्य संवर्धन, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग के क्षेत्र में अवसर प्रदान करने के लिए विशेष कार्यक्रम होंगे। डॉ. राव ने कहा कि कृषि को केवल खाद्य सुरक्षा तक सीमित न रखकर पोषण सुरक्षा और धन सृजन का माध्यम बनाना होगा।
भारत के 60 बिलियन डॉलर वार्षिक कृषि निर्यात का उल्लेख करते हुए उन्होंने किसानों को वैश्विक मानकों के अनुरूप उत्पादन के लिए प्रेरित करने की बात कही। मेले में सूक्ष्म सिंचाई, फसल विविधीकरण और डिजिटल खेती जैसी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।
किसानों की सुविधा के लिए नि:शुल्क वाहन सेवा, आवास और भोजन की व्यवस्था की गई है। धान, बाजरा, मूंग तथा विभिन्न सब्जियों की उन्नत किस्मों के बीज उपलब्ध रहेंगे। पहली बार ‘आईएआरआई-युवा नवोन्मेषी किसान पुरस्कार’ के तहत 7 प्रगतिशील और 36 नवाचार करने वाले किसानों को सम्मानित किया जाएगा।