सी-डॉट और जंप्स ऑटोमेशन ने साइबर सुरक्षा प्लेटफॉर्म पर समझौता किया
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सी-डॉट और जंप्स ऑटोमेशन के बीच समझौता, गेमिफिकेशन आधारित साइबर सुरक्षा प्लेटफॉर्म विकसित कर जागरूकता और प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने की पहल।
प्लेटफॉर्म में एआई आधारित व्यवहार विश्लेषण, रियल सिमुलेशन और इंटरैक्टिव लर्निंग फीचर्स शामिल होंगे, जिससे उपयोगकर्ता अनुभव बेहतर होगा।
यह पहल आत्मनिर्भर भारत के विजन को मजबूत करते हुए डिजिटल सुरक्षा और साइबर जोखिमों से निपटने की क्षमता को बढ़ाने में मदद करेगी।
Delhi/ टेलीकॉम क्षेत्र के प्रमुख अनुसंधान एवं विकास संस्थान सी-डॉट ने Jumps Automation LLP के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह साझेदारी सी-डॉट कोलैबोरेटिव रिसर्च प्रोग्राम (CCRP) के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य साइबर सुरक्षा जागरूकता के लिए एक उन्नत और इंटरैक्टिव प्लेटफॉर्म तैयार करना है।
इस प्लेटफॉर्म की खासियत यह होगी कि यह पारंपरिक प्रशिक्षण पद्धतियों को बदलकर गेमिफिकेशन के जरिए सीखने का एक नया अनुभव प्रदान करेगा। इसमें गेमिंग एरिना, लीडरबोर्ड, लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम और चर्चा मंच जैसे फीचर्स शामिल होंगे। इसके अलावा, फिशिंग अटैक, सोशल इंजीनियरिंग, मैलवेयर हमलों और संकट प्रबंधन जैसे वास्तविक परिदृश्यों पर आधारित सिमुलेशन भी इसमें उपलब्ध होंगे।
इस परियोजना में एआई आधारित व्यवहार विश्लेषण इंजन का उपयोग किया जाएगा, जो उपयोगकर्ता के प्रदर्शन का मूल्यांकन करेगा और उसके अनुसार प्रशिक्षण की जटिलता को समायोजित करेगा। यह इंजन उभरते साइबर खतरों के अनुसार कंटेंट को अपडेट भी करता रहेगा, जिससे प्लेटफॉर्म हमेशा प्रासंगिक बना रहेगा।
समझौते के दौरान सी-डॉट के सीईओ Dr. Rajkumar Upadhyay और जंप्स ऑटोमेशन के प्रौद्योगिकी प्रमुख Rohan Chandak सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। डॉ. उपाध्याय ने इस पहल को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि यह प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ताओं को साइबर खतरों को पहचानने और उनसे निपटने में सक्षम बनाएगा।
उन्होंने कहा कि यह समाधान न केवल प्रशिक्षण को प्रभावी बनाएगा, बल्कि साइबर सुरक्षा की संस्कृति को भी मजबूत करेगा। वहीं रोहन चंदक ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण को अधिक संवादात्मक और व्यवहारिक बनाएगा, जिससे उपयोगकर्ताओं में जागरूकता के साथ-साथ व्यवहार में भी बदलाव आएगा।
यह प्लेटफॉर्म नई दिल्ली स्थित सी-डॉट के केंद्रों में विकसित और परीक्षण किया जाएगा। इसे एक वाणिज्यिक स्तर के SaaS समाधान के रूप में तैयार किया जाएगा, जिसे भविष्य में विभिन्न संगठनों के साथ आसानी से एकीकृत किया जा सकेगा।
सी-डॉट, जो भारत सरकार का प्रमुख दूरसंचार अनुसंधान केंद्र है, लंबे समय से स्वदेशी तकनीकों के विकास और उपयोग को बढ़ावा देता रहा है। वहीं जंप्स ऑटोमेशन एलएलपी एआई और ऑटोमेशन आधारित सॉल्यूशंस में विशेषज्ञता रखती है।
यह साझेदारी न केवल साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में एक नई दिशा देगी, बल्कि देश में डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने और साइबर खतरों से निपटने की क्षमता को भी बढ़ाएगी।