IICA में IES-ITS अधिकारियों के लिए कंपनी कानून
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IICA द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण IES और ITS अधिकारियों को कॉर्पोरेट कानून, प्रतिस्पर्धा नीति और दिवाला प्रक्रिया की व्यावहारिक समझ प्रदान करता है।
केंद्रीय बजट 2026, MSME समर्थन और “कॉर्पोरेट मित्र” योजना पर चर्चा ने प्रशिक्षण को नीति-उन्मुख दृष्टि दी।
Delhi/ कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के अधीन कार्यरत भारतीय कॉर्पोरेट कार्य संस्थान (IICA) द्वारा 21 IES एवं ITS अधिकारियों के लिए आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन IICA के महानिदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री ज्ञानेश्वर कुमार सिंह ने किया। उद्घाटन सत्र में उन्होंने भारत की उभरती आर्थिक संरचना में कॉर्पोरेट कानून, प्रतिस्पर्धा कानून और दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (IBC) की बढ़ती भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।
श्री सिंह ने विश्वास-आधारित नियमन (Trust-Based Regulation) को आधुनिक शासन प्रणाली का आधार बताते हुए कहा कि IICA, कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत IBBI, CCI, NFRA, ICAI, ICSI और CMA जैसे प्रमुख नियामकों के साथ मिलकर नीति निर्माण और कार्यान्वयन में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने केंद्रीय बजट 2026 में घोषित MSMEs के समर्थन और नई “कॉर्पोरेट मित्र” योजना को आर्थिक सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अधिकारियों की प्रशासनिक भूमिकाओं को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है। इसका उद्देश्य कंपनी अधिनियम, 2013; प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002; और दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता, 2016 जैसे प्रमुख कानूनों पर व्यावहारिक दृष्टिकोण प्रदान करना है। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को कॉर्पोरेट शासन, कॉर्पोरेट वित्त, ऋण एवं चूक, डेटा-आधारित निर्णय-निर्माण और नियामकीय प्रक्रियाओं की गहन समझ दी गई।
कार्यक्रम के तकनीकी सत्रों में CCI की जांच प्रक्रिया, प्रतिस्पर्धा-विरोधी समझौते, प्रभुत्व के दुरुपयोग, CIRP, NCLT और NCLAT की भूमिका, तथा नीति-निर्माण में विधायी आशय जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। हालिया नीतिगत संशोधनों और आर्थिक कानूनों के विकास पर भी संवाद हुआ।
प्रशिक्षण में देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने संसाधन व्यक्ति के रूप में सहभागिता की। इनमें श्री सुधाकर शुक्ला, श्री धनेंद्र कुमार, श्री जी.पी. मदान, श्री समीर गांधी, डॉ. एम.एस. साहू, डॉ. ऑगस्टीन पीटर, डॉ. प्यला नारायण राव, डॉ. देबज्योति राय चौधरी, डॉ. मुकुलिता विजयवर्गीय और श्री आलोक श्रीवास्तव सहित कई प्रमुख नाम शामिल रहे।उद्घाटन सत्र की विशेष प्रस्तुति पूर्व CCI अध्यक्ष श्री धनेंद्र कुमार की रही, जिन्होंने MRTP अधिनियम से आधुनिक प्रतिस्पर्धा कानून तक की यात्रा को अपने अनुभवों के साथ साझा किया। कार्यक्रम का समापन डॉ. प्यला नारायण राव द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।