बजट सत्र में संसद ठप
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
Parliament-Budget-Session-Opposition-Protest-PM-Modi-Reply-Deferred
विपक्षी हंगामे के चलते प्रधानमंत्री मोदी का लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब टला, कार्यवाही बार-बार स्थगित
राज्यसभा में नियम 267 के तहत स्थगन प्रस्ताव को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष में तीखा टकराव
मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोकतंत्र, महिला आरक्षण और सवाल खारिज होने को लेकर सरकार पर साधा निशाना
New Delhi/ संसद के चालू बजट सत्र के दौरान मंगलवार को लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में भारी राजनीतिक टकराव देखने को मिला। विपक्ष के तीखे विरोध और नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। हालात ऐसे बने कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब नहीं दे सके। लगातार व्यवधान के चलते लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने पूरे दिन की कार्यवाही स्थगित करने का फैसला किया, जबकि राज्यसभा में भी गतिरोध बना रहा।
लोकसभा में हंगामे के चलते पीएम का जवाब टला:
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसद वेल में आ गए और जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। स्पीकर ओम बिरला ने सदस्यों से मर्यादा बनाए रखने और अपनी सीटों पर लौटने की अपील की, लेकिन शोर-शराबा थमता नजर नहीं आया। हालात को संभालने के लिए सदन की कार्यवाही पहले 12 बजे तक, फिर 2 बजे और उसके बाद 5 बजे तक स्थगित की गई। शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देना था, लेकिन विपक्षी हंगामे के कारण उनका संबोधन संभव नहीं हो सका। अंततः लोकसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
राज्यसभा में भी जारी रहा गतिरोध:
राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान भी विपक्ष का विरोध जारी रहा। विपक्षी दलों ने नियम 267 के तहत कार्यवाही स्थगित कर चर्चा कराने की मांग की। लेफ्ट सांसद जॉन ब्रिटास ने सभापति से बिजनेस सस्पेंड करने की अपील की, जिससे सदन में और अधिक हंगामा हुआ। बार-बार टोके जाने के बावजूद विपक्षी सदस्य अपनी मांगों पर अड़े रहे।
खड़गे का सरकार पर तीखा हमला:
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर संसदीय लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संसद में पूछे गए करीब 78 प्रतिशत सवालों को खारिज कर दिया गया है। खड़गे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री कई अहम मुद्दों पर जवाब नहीं देते और मंत्री केवल उनकी प्रशंसा में समय व्यतीत करते हैं। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को राज्य का दर्जा देने से जुड़े सवाल को हाइपोथेटिकल बताकर खारिज किए जाने पर भी उन्होंने आपत्ति जताई।
महिला आरक्षण और अन्य मुद्दे:
खड़गे ने महिला आरक्षण को तत्काल लागू करने की मांग उठाई और आरोप लगाया कि महिलाओं को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पर पीयूष गोयल के बयान को लेकर भी विपक्ष ने विरोध दर्ज कराया। नेता सदन जेपी नड्डा ने स्पष्ट किया कि वह बयान राजनीतिक प्रतिक्रिया थी, न कि आधिकारिक सरकारी घोषणा।