Jabalpur: किसानों और जरूरी सेवाओं को प्लास्टिक डिब्बों में 200 लीटर तक डीजल की अनुमति

Wed 17-Jun-2026,10:41 PM IST +05:30

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Jabalpur: किसानों और जरूरी सेवाओं को प्लास्टिक डिब्बों में 200 लीटर तक डीजल की अनुमति Jabalpur News
  • किसानों और जरूरी सेवाओं को 200 लीटर तक डीजल देने की अनुमति।

  • पहचान और दस्तावेज सत्यापन के बाद मिलेगा डीजल।

  • नियमों के उल्लंघन पर पेट्रोल पंप संचालकों पर होगी कार्रवाई।

Madhya Pradesh / Jabalpur :

Jabalpur / जबलपुर जिले में किसानों, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य अत्यावश्यक कार्यों से जुड़े लोगों को बड़ी राहत मिली है। कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए पेट्रोल पंपों से प्लास्टिक के डिब्बों में डीजल देने पर पहले लगाई गई रोक को आंशिक रूप से शिथिल कर दिया है। इस फैसले का उद्देश्य खेती-किसानी, स्वास्थ्य सेवाओं, महत्वपूर्ण परियोजनाओं और अन्य आवश्यक सेवाओं के संचालन में आने वाली परेशानियों को कम करना है।

कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब जिले के पेट्रोल पंप किसानों, स्वास्थ्य सेवाओं, महत्वपूर्ण परियोजनाओं और अत्यावश्यक सेवाओं से जुड़े व्यक्तियों या संस्थानों को एक दिन में एक बार अधिकतम 200 लीटर तक डीजल प्लास्टिक के डिब्बों में उपलब्ध करा सकेंगे। हालांकि इसके लिए संबंधित व्यक्ति या संस्था को अपनी पहचान और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। सत्यापन के बाद ही डीजल दिया जाएगा।

दरअसल, पहले सुरक्षा कारणों और डीजल के संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए प्लास्टिक के डिब्बों में डीजल देने पर प्रतिबंध लगाया गया था। लेकिन किसानों और विभिन्न आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को इससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों तक मशीनों और जनरेटरों के लिए डीजल पहुंचाना कठिन हो गया था। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने यह निर्णय लिया है।

आदेश में पेट्रोल पंप संचालकों के लिए भी कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं। उन्हें प्रत्येक ग्राहक की जानकारी निर्धारित प्रारूप में दर्ज करनी होगी। साथ ही डीजल खरीदने वाले व्यक्ति या संस्था का नाम, पता, पहचान संबंधी जानकारी और डीजल की मात्रा का पूरा रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा। प्रत्येक ग्राहक को रसीद जारी करना भी जरूरी किया गया है ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की जांच या सत्यापन में पारदर्शिता बनी रहे।

कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने स्पष्ट किया है कि डीजल विक्रय से संबंधित अभिलेखों के रखरखाव और उनकी सत्यता सुनिश्चित करने की पूरी जिम्मेदारी पेट्रोल पंप संचालकों की होगी। यदि कोई संचालक नियमों का पालन नहीं करता है या रिकॉर्ड में गड़बड़ी पाई जाती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने इस व्यवस्था की निगरानी के लिए भी विशेष प्रबंध किए हैं। संबंधित तेल कंपनियों के सेल्स अधिकारियों और क्षेत्रीय आपूर्ति अधिकारियों को निरीक्षण और मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये अधिकारी समय-समय पर पेट्रोल पंपों का निरीक्षण करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि आदेश का पालन सही तरीके से हो रहा है या नहीं।

जिला प्रशासन का मानना है कि इस निर्णय से किसानों को खेती से जुड़े कार्यों में सुविधा मिलेगी, वहीं स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यक परियोजनाओं का संचालन भी बिना किसी बाधा के जारी रह सकेगा। साथ ही दस्तावेज सत्यापन और निगरानी व्यवस्था के जरिए डीजल के दुरुपयोग को भी रोका जा सकेगा। यह फैसला जिले में आवश्यक सेवाओं की सुचारू व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।