बजट सत्र 2026 की शुरुआत: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संबोधन, अर्थव्यवस्था और विकास पर जोर
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Budget Session 2026: President Draupadi Murmu speech
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संसद के संयुक्त सत्र में संबोधन.
29 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण, 1 फरवरी को बजट 2026.
इंफ्रा, महिला सशक्तिकरण और महत्वपूर्ण खनिजों पर जोर.
Delhi / संसद के बजट सत्र का औपचारिक आगाज हो चुका है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सुबह 11 बजे संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए सरकार की उपलब्धियों और आगे की प्राथमिकताओं को सामने रखा। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश की आर्थिक बुनियाद मजबूत हुई है और वैश्विक संकटों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है।
इंफ्रास्ट्रक्चर, स्पेस और जीएसटी पर जोर
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बने नए कीर्तिमानों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सड़क, रेल, एयरपोर्ट और डिजिटल कनेक्टिविटी में बड़े पैमाने पर निवेश से विकास को नई गति मिली है। स्पेस सेक्टर में भारत की बढ़ती ताकत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। जीएसटी सुधारों को लेकर उन्होंने कहा कि इससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है और टैक्स सिस्टम अधिक पारदर्शी बना है।
गरीब, दलित और महिलाओं पर फोकस
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि सरकार गरीबों और दलितों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने VB G और RAM G जैसे कानूनों का उल्लेख किया और बताया कि बीते एक साल में 7 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनी हैं। उनके अनुसार आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और देश की विकास यात्रा में अहम भूमिका निभा रही हैं।
सेना का शौर्य और ऑपरेशन सिंदूर
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए भारतीय सेना के शौर्य और साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और संप्रभुता सर्वोपरि है और सरकार सशस्त्र बलों को हरसंभव समर्थन दे रही है।
आर्थिक सर्वेक्षण और बजट की तारीखें
राष्ट्रपति के भाषण के बाद अब सभी की निगाहें आर्थिक सर्वेक्षण और बजट पर टिकी हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 29 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश करेंगी, जबकि 1 फरवरी 2026 को आम बजट आएगा। मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन 29 जनवरी को सुबह 11 बजे आर्थिक सर्वेक्षण संसद में प्रस्तुत करेंगे।
वैश्विक चुनौतियां और बजट 2026
यह बजट ऐसे समय में आ रहा है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था उथल-पुथल से गुजर रही है। अमेरिका द्वारा लगाए गए 50% टैरिफ, विदेशी पूंजी के संभावित आउटफ्लो और डॉलर के मुकाबले रुपये के 92 के स्तर तक गिरने से चुनौतियां बढ़ी हैं। ऐसे में बजट 2026 से उम्मीद है कि वह आर्थिक स्थिरता, राजकोषीय अनुशासन और विकास—तीनों के बीच संतुलन बनाए रखेगा।
विशेषज्ञों की राय: टैक्स, स्टार्टअप और इनोवेशन
डी.एम. हरीश एंड कंपनी के पार्टनर अनिल हरीश का मानना है कि इनकम टैक्स में बड़े बदलावों की जरूरत नहीं है। वहीं जीतो इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन फाउंडेशन के चेयरमैन जीनेंद्र भंडारी ने स्टार्टअप्स और इनोवेशन पर फोकस बढ़ाने की बात कही। उन्होंने AI, सेमीकंडक्टर, क्लीन एनर्जी और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे डीप-टेक सेक्टर्स को टारगेटेड सपोर्ट देने की जरूरत बताई।
महत्वपूर्ण खनिज और केमिकल सेक्टर
राष्ट्रपति ने सेमीकंडक्टर के साथ-साथ लिथियम, कोबाल्ट और दुर्लभ पृथ्वी तत्वों जैसे महत्वपूर्ण खनिजों पर ‘मिशन मोड’ में काम करने की बात कही। राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन (NCMM) के तहत 16,300 करोड़ रुपये का निवेश इस दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। साथ ही केमिकल उद्योग ने भी बजट से बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, तेज पर्यावरण मंजूरियां और सस्ती दीर्घकालिक पूंजी की उम्मीद जताई है।
कुल मिलाकर, बजट सत्र की शुरुआत ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में आर्थिक सर्वेक्षण और बजट 2026 देश की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाने वाले हैं।