राजनाथ सिंह-काजा कल्लास बैठक में भारत-ईयू रक्षा सहयोग को मिली नई दिशा
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राजनाथ सिंह और काजा कल्लास की बैठक में भारत-ईयू रक्षा सहयोग, साझा लोकतांत्रिक मूल्य और रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने पर सहमति बनी।
हिंद महासागर क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और आईएफसी-आईओआर में ईयू संपर्क अधिकारी की तैनाती का भारत ने स्वागत किया।
नई दिल्ली/ रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने 27 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में यूरोपीय संघ आयोग की उच्च प्रतिनिधि/उपाध्यक्ष सुश्री काजा कल्लास से मुलाकात की। बैठक के दौरान भारत-यूरोपीय संघ रक्षा और सुरक्षा सहयोग से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ लोकतंत्र, बहुलवाद और कानून के शासन जैसे साझा मूल्यों पर आधारित साझेदारी को लगातार मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत इन मूल्यों को वैश्विक स्थिरता, सतत विकास और समावेशी समृद्धि के लिए व्यावहारिक सहयोग में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है।
रक्षा मंत्री ने वैश्विक हितों के लिए भारतीय और यूरोपीय संघ के रक्षा उद्योगों के बीच तालमेल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह सहयोग भारत के ‘आत्मनिर्भर भारत’ दृष्टिकोण के अनुरूप है और यूरोपीय संघ की रणनीतिक स्वायत्तता की आकांक्षाओं को भी समर्थन देता है। आपूर्ति श्रृंखलाओं के एकीकरण से यह साझेदारी एक “फोर्स मल्टीप्लायर” के रूप में कार्य कर सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत का रक्षा उद्योग यूरोपीय संघ की ‘री-आर्म पहल’ में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, विशेषकर ऐसे समय में जब यूरोपीय संघ आपूर्तिकर्ताओं में विविधता लाने और जोखिम कम करने पर काम कर रहा है। रक्षा मंत्री ने सुश्री कल्लास की भारत यात्रा को विशेष बताया, जो भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर हो रही है।
सुश्री काजा कल्लास ने भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने और कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में यूरोपीय संघ की उपस्थिति के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने हिंद महासागर क्षेत्र में भारत-ईयू सहयोग, संयुक्त अभ्यास और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान पर बल दिया। रक्षा मंत्री ने गुरुग्राम स्थित भारतीय नौसेना के सूचना संलयन केंद्र-हिंद महासागर क्षेत्र (आईएफसी-आईओआर) में यूरोपीय संघ के संपर्क अधिकारी की तैनाती के प्रस्ताव का स्वागत किया। इससे समुद्री सुरक्षा, डकैती-रोधी अभियानों और खतरे के आकलन में परिचालन समन्वय और मजबूत होगा।