राजिम कुंभ कल्प मेला बवाल: कलाकार अपमानित
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राजिम कुंभ कल्प मेला 2026 में कलाकारों से दुर्व्यवहार और अव्यवस्थाओं ने प्रशासन व इवेंट कंपनी की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।
कलाकारों को भोजन न मिलने के मामले में विधायक रोहित साहू का सख्त और मानवीय रुख जनता के बीच चर्चा का विषय बना।
Rajim/ छत्तीसगढ़ के धार्मिक और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक राजिम कुंभ कल्प मेला एक बार फिर अव्यवस्थाओं और इवेंट कंपनी की मनमानी को लेकर विवादों में घिर गया है। कलाकारों के साथ दुर्व्यवहार, मूलभूत सुविधाओं की कमी और प्रशासनिक लापरवाही के आरोपों ने मेले की गरिमा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालात इतने बिगड़ गए कि जनप्रतिनिधियों को नगरवासियों के साथ धरने पर बैठना पड़ा। इस पूरे मामले में राजिम विधायक रोहित साहू का सख्त और संवेदनशील रुख चर्चा में है।
पूरा मामला क्या है:
रविवार देर रात मुख्यमंच पर प्रस्तुति देने आई प्रदेश की चर्चित कलाकार आरु साहू सहित अन्य कलाकारों को कार्यक्रम समाप्ति के बाद करीब डेढ़ घंटे तक बैठाए रखा गया। हैरानी की बात यह रही कि उन्हें भोजन तक उपलब्ध नहीं कराया गया। कलाकारों ने इसे अपमानजनक व्यवहार बताया। जब इस घटना की जानकारी राजिम विधायक रोहित साहू को मिली, तो वे तुरंत मौके पर पहुंचे और जिला प्रशासन व इवेंट कंपनी से जवाब तलब किया।
विधायक का सख्त रुख:
संतोषजनक जवाब न मिलने पर विधायक रोहित साहू ने अधिकारियों और इवेंट कंपनी के कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजिम कुंभ कल्प मेला सरकार की प्रतिष्ठा, आस्था और संस्कृति से जुड़ा आयोजन है, इसकी छवि खराब करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
मानवीय पहल:
विधायक ने संवेदनशीलता दिखाते हुए सभी कलाकारों को अपने साथ निजी रेस्टोरेंट ले जाकर भोजन कराया। उन्होंने कहा कि कलाकारों का सम्मान सर्वोपरि है और भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोहराई नहीं जानी चाहिए।
पहले से थे आरोप:
एक दिन पहले ही पत्रकारों और आम नागरिकों ने इवेंट कंपनी पर अनावश्यक रोक-टोक, अभद्र व्यवहार और मनमानी के आरोप लगाए थे। विधायक ने तब भी सुधार के निर्देश दिए थे, लेकिन अगले ही दिन कलाकारों के साथ हुए दुर्व्यवहार ने स्थिति और गंभीर कर दी।
धरने पर जनप्रतिनिधि:
सोमवार को पुराने मेला स्थल के पास नगरवासियों और जनप्रतिनिधियों ने धरना प्रदर्शन शुरू किया। शौचालय, स्वच्छता, पेयजल और व्यवस्थाओं की बदहाली को लेकर नाराज लोगों ने मांग की कि इवेंट कंपनी को भुगतान भौतिक सत्यापन के बाद ही किया जाए। यह दूसरी बार है जब राजिम कुंभ मेला 2026 में अव्यवस्थाओं के खिलाफ धरना दिया गया है।
गंभीर सवाल:
पूरे घटनाक्रम ने जिला प्रशासन और इवेंट कंपनी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जबकि विधायक रोहित साहू का रुख जनता और कलाकारों के बीच सराहना का विषय बना हुआ है।