शी जिनपिंग आ सकते हैं भारत, BRICS समिट में पीएम मोदी से 7 साल बाद मुलाकात की संभावना

Thu 10-Sep-2026,11:28 AM IST +05:30

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शी जिनपिंग आ सकते हैं भारत, BRICS समिट में पीएम मोदी से 7 साल बाद मुलाकात की संभावना Brics Summit 2026
  • शी जिनपिंग के शनिवार को BRICS समिट के लिए दिल्ली पहुंचने की संभावना है।

  • पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक हो सकती है।

  • भारत 12-13 सितंबर को 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है।

Delhi / Delhi :

New Delhi / चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे को लेकर हलचल तेज हो गई है। चीन के विदेश मंत्रालय यानी MFA की ओर से आज उनके भारत दौरे का आधिकारिक ऐलान किए जाने की उम्मीद है। जानकारी के मुताबिक, शी जिनपिंग शनिवार दोपहर दिल्ली पहुंच सकते हैं। इसके बाद शाम करीब 6 बजे भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात हो सकती है।

BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक की संभावना भी जताई जा रही है। यह बैठक भारत और चीन के रिश्तों के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। खास बात यह है कि भारतीय जमीन पर दोनों नेताओं की करीब सात साल बाद द्विपक्षीय मुलाकात हो सकती है। गलवान झड़पों के बाद यह भारत में मोदी और शी जिनपिंग की पहली द्विपक्षीय बैठक भी होगी।

12-13 सितंबर को नई दिल्ली में BRICS समिट
भारत 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। इस वर्ष भारत BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। सम्मेलन की थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” रखी गई है।

BRICS सम्मेलन में सदस्य और पार्टनर देशों के नेता वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इसके साथ ही राजनीतिक-सुरक्षा, आर्थिक-वित्तीय और लोगों के बीच सहयोग को मजबूत करने पर भी विचार-विमर्श होगा। वर्ष 2026 में BRICS की स्थापना के 20 साल भी पूरे हो रहे हैं।

2019 में हुई थी शी की पिछली भारत यात्रा
शी जिनपिंग की पिछली भारत यात्रा 11-12 अक्टूबर 2019 को हुई थी। उस दौरान वह तमिलनाडु के मामल्लापुरम पहुंचे थे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भारत-चीन के दूसरे अनौपचारिक शिखर सम्मेलन में शामिल हुए थे।

इससे पहले 2018 में चीन के वुहान में दोनों नेताओं के बीच पहली अनौपचारिक बैठक हुई थी। मामल्लापुरम में हुई बैठक के दौरान मोदी और शी ने द्विपक्षीय संबंधों के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की थी।

अब करीब सात साल बाद शी जिनपिंग के भारत आने की संभावना ने दोनों देशों के संबंधों को लेकर उम्मीदें बढ़ा दी हैं। यदि मोदी-शी की द्विपक्षीय बैठक होती है, तो इसमें भारत-चीन संबंधों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना रहेगी। हालांकि, दौरे और बैठक को लेकर चीन के विदेश मंत्रालय की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।