चार लेबर कोड विरोध में देशभर ट्रेड यूनियन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल
ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |
Nationwide-Labor-Strike-India
देशभर में ट्रेड यूनियनों ने चार लेबर कोड के विरोध में आज राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आयोजन किया।
हड़ताल का असर 600 से अधिक जिलों में देखा जा सकता है, श्रमिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए जरूरी।
Delhi/ केंद्र सरकार के प्रस्तावित चार लेबर कोड के विरोध में देशभर के ट्रेड यूनियनों ने आज राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया। करीब 10 प्रमुख ट्रेड यूनियन और 100 से अधिक जन संगठन इसमें शामिल हैं। इस हड़ताल का प्रभाव 600 से अधिक जिलों में देखा जा सकता है। राजधानी रायपुर में हड़ताल से पहले मशाल रैली निकाली गई, जिससे आंदोलन की तीव्रता और गंभीरता का संकेत मिला। यूनियनों ने कहा कि यह विरोध श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए जरूरी है।
आज देश भर में ट्रेड यूनियनों और जन संगठनों ने केंद्र सरकार के चार लेबर कोड के खिलाफ राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आयोजन किया। इस हड़ताल में लगभग 10 प्रमुख ट्रेड यूनियन और 100 से अधिक जन संगठन शामिल हैं। यूनियनों का कहना है कि प्रस्तावित लेबर कोड श्रमिकों के मौलिक अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
रायपुर में हड़ताल से पहले मशाल रैली आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रमिक और नागरिक शामिल हुए। रैली के माध्यम से यूनियनों ने आंदोलन की गंभीरता और व्यापकता को उजागर किया। अधिकारियों ने कहा कि इस हड़ताल का असर कई जिलों में सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में देखा जा सकता है।
ट्रेड यूनियनों ने सरकार से आग्रह किया है कि श्रमिक हितों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित कोड में संशोधन किया जाए। उनका कहना है कि यदि सरकार ने श्रमिकों के हितों को नजरअंदाज किया, तो भविष्य में और भी बड़े विरोध प्रदर्शन होने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह हड़ताल भारतीय श्रमिक आंदोलन में एक महत्वपूर्ण घटना के रूप में दर्ज होगी। कई शहरों में सार्वजनिक परिवहन, औद्योगिक कार्य और व्यापार प्रभावित हुए हैं। यूनियनों का कहना है कि यह विरोध केवल हड़ताल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकार के खिलाफ व्यापक आंदोलन का रूप ले सकता है।