छत्तीसगढ़ कैबिनेट का बड़ा फैसला

Wed 11-Feb-2026,04:15 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

छत्तीसगढ़ कैबिनेट का बड़ा फैसला Chhattisgarh-Cabinet-10000-Crore-Farmer-Payment-Holi-2026
  • छत्तीसगढ़ कैबिनेट ने राज्यपाल अभिभाषण और विनियोग विधेयक 2026 को मंजूरी देकर बजट प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।

  • 25 लाख से अधिक किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान मूल्य अंतर राशि का लाभ मिलेगा।

Chhattisgarh / Raipur :

Raipur/ छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। आगामी विधानसभा सत्र, बजट प्रक्रिया और किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। बैठक के बाद डिप्टी सीएम अरुण साव द्वारा विस्तृत जानकारी साझा किए जाने की घोषणा की गई। खास बात यह रही कि सरकार ने होली से पहले किसानों को बड़ी आर्थिक राहत देने का निर्णय लिया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

कैबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ की षष्ठम विधानसभा के अष्टम सत्र (फरवरी-मार्च 2026) के लिए राज्यपाल के अभिभाषण को मंजूरी प्रदान की गई। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट अनुमान को विधानसभा में प्रस्तुत करने के लिए छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक-2026 के प्रारूप को भी स्वीकृति दी गई। इसे राज्य की आगामी आर्थिक दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

बैठक का सबसे बड़ा निर्णय किसानों के हित में लिया गया। मंत्रिपरिषद ने समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अंतर राशि का एकमुश्त भुगतान होली से पहले करने का फैसला किया है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में प्रदेश के 25 लाख 24 हजार 339 किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की राशि सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर की जाएगी।

राज्य सरकार पहले से ही प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से कर रही है, जो देश में सबसे अधिक समर्थन मूल्य में से एक है। बीते दो वर्षों में किसानों को धान के मूल्य अंतर के रूप में 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। इस वर्ष होली से पूर्व 10 हजार करोड़ रुपये के भुगतान के साथ यह आंकड़ा बढ़कर 35 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। सरकार का मानना है कि इस निर्णय से किसानों की आय में वृद्धि होगी, ग्रामीण बाजारों में क्रय शक्ति बढ़ेगी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। डिप्टी सीएम अरुण साव जल्द ही कैबिनेट के अन्य निर्णयों की आधिकारिक जानकारी साझा करेंगे।