77वां गणतंत्र दिवस: कर्तव्य पथ पर विकास, संस्कृति और सैन्य शक्ति का भव्य प्रदर्शन

Mon 26-Jan-2026,11:45 AM IST +05:30

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77वां गणतंत्र दिवस: कर्तव्य पथ पर विकास, संस्कृति और सैन्य शक्ति का भव्य प्रदर्शन 77th Republic Day India
  • कर्तव्य पथ पर 77वें गणतंत्र दिवस की भव्य परेड.

  • ‘वंदे मातरम के 150 वर्ष’ पर आधारित थीम.

  • सैन्य शक्ति, विकास और सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन.

Delhi / Delhi :

Delhi / देश आज 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह, गर्व और देशभक्ति के माहौल में मना रहा है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य समारोह में भारत की विकास यात्रा, सांस्कृतिक विविधता और सैन्य शक्ति की झलक देखने को मिल रही है। हर साल की तरह इस बार भी गणतंत्र दिवस परेड देश की एकता, शक्ति और आत्मविश्वास का प्रतीक बनकर सामने आई है।

इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह का थीम ‘वंदे मातरम के 150 वर्ष’ रखा गया है, जो भारत की स्वतंत्रता चेतना और राष्ट्रीय भावना को नमन करता है। कर्तव्य पथ पर निकल रही झांकियां और परेड इस बात को दर्शा रही हैं कि कैसे भारत ने परंपरा और आधुनिकता के संतुलन के साथ विकास की लंबी यात्रा तय की है। अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां देश की सांस्कृतिक विविधता, लोक परंपराओं और विकास की झलक पेश कर रही हैं।

इस बार गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन शामिल हो रहे हैं। उनकी मौजूदगी भारत और यूरोप के बीच मजबूत होते कूटनीतिक और रणनीतिक संबंधों को दर्शाती है।

परेड में भारतीय सशस्त्र बलों की ताकत भी पूरे शान से दिखाई दे रही है। हाल ही में गठित नई सैन्य इकाइयों के साथ-साथ ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तैनात प्रमुख हथियार प्रणालियों के मॉडल भी प्रदर्शित किए जा रहे हैं। यह परेड भारत की रक्षा क्षमता, तकनीकी प्रगति और आत्मनिर्भरता का संदेश दे रही है। जवानों की कदमताल और सैन्य टुकड़ियों का अनुशासन दर्शकों को गर्व से भर रहा है।

इस भव्य समारोह की अगुवाई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कर रही हैं, जो परेड की सलामी लेंगी। समारोह की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने से हुई। पीएम मोदी ने पुष्पचक्र अर्पित कर उन वीरों को नमन किया, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।

कुल मिलाकर, 77वां गणतंत्र दिवस भारत के लोकतंत्र, एकता और संकल्प का उत्सव है। कर्तव्य पथ पर हर दृश्य यह संदेश दे रहा है कि भारत न केवल अपने गौरवशाली अतीत पर गर्व करता है, बल्कि आत्मविश्वास के साथ एक सशक्त और समृद्ध भविष्य की ओर भी बढ़ रहा है।