वरिष्ठ पत्रकार और लेखक मार्क टली का निधन, 90 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
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Mark Tully Death
बीबीसी के पूर्व इंडिया ब्यूरो प्रमुख मार्क टली का निधन.
स्ट्रोक के बाद मल्टी-ऑर्गन फेलियर बना मौत का कारण.
भारत पर लिखी कई चर्चित किताबों के लिए प्रसिद्ध.
Delhi / जाने-माने लेखक और वरिष्ठ पत्रकार मार्क टली का रविवार को नई दिल्ली के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 90 वर्ष के थे। उनके निधन की पुष्टि उनके करीबी मित्र और वरिष्ठ पत्रकार सतीश जैकब ने की। मार्क टली पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे और बीते एक सप्ताह से दक्षिण दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती थे। अस्पताल की ओर से जारी बयान में बताया गया कि विलियम मार्क टली का निधन 25 जनवरी 2026 को दोपहर 2:35 बजे हुआ। डॉक्टरों के अनुसार, स्ट्रोक के बाद मल्टी-ऑर्गन फेलियर उनके निधन का कारण बना।
मार्क टली का जन्म 24 अक्टूबर 1935 को कोलकाता (तत्कालीन कलकत्ता) में हुआ था। उनका बचपन भारत में ही बीता। महज चार साल की उम्र में उन्हें दार्जिलिंग के एक ब्रिटिश बोर्डिंग स्कूल भेजा गया और नौ वर्ष की उम्र से आगे की पढ़ाई के लिए वे इंग्लैंड चले गए। उन्होंने हैम्पशायर के ट्विट्फोर्ड स्कूल, मार्लबोरो कॉलेज और फिर कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के ट्रिनिटी हॉल से शिक्षा प्राप्त की। कैम्ब्रिज में उन्होंने धर्मशास्त्र (थियोलॉजी) की पढ़ाई की और कुछ समय के लिए चर्च ऑफ इंग्लैंड में पादरी बनने का विचार भी किया, लेकिन लिंकन थियोलॉजिकल कॉलेज में दो टर्म के बाद उन्होंने यह रास्ता छोड़ दिया।
पत्रकारिता के क्षेत्र में मार्क टली का योगदान बेहद व्यापक और प्रभावशाली रहा। उन्होंने ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन (BBC) के साथ लगभग 30 वर्षों तक काम किया और जुलाई 1994 में इस्तीफा दिया। इस दौरान वे 22 वर्षों तक बीबीसी के नई दिल्ली ब्यूरो प्रमुख रहे। 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के समय वे बीबीसी के इंडिया कॉरेस्पोंडेंट थे, जब बांग्लादेश का गठन हुआ। भारत में रहते हुए उन्होंने देश की लगभग सभी बड़ी और ऐतिहासिक घटनाओं को कवर किया।
उनकी रिपोर्टिंग में भारत-पाकिस्तान संघर्ष, भोपाल गैस त्रासदी, ऑपरेशन ब्लू स्टार और उसके बाद इंदिरा गांधी की हत्या, राजीव गांधी की हत्या तथा बाबरी मस्जिद विध्वंस जैसी घटनाएं शामिल रहीं। 1975-77 के आपातकाल के दौरान जब इंदिरा गांधी सरकार ने प्रेस पर सेंसरशिप लागू की, तब मार्क टली को भारत आने से प्रतिबंधित भी कर दिया गया था। इसके बावजूद भारत के प्रति उनका लगाव कभी कम नहीं हुआ।
मार्क टली केवल पत्रकार ही नहीं, बल्कि एक संवेदनशील लेखक भी थे। उन्होंने बीबीसी रेडियो-4 के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘समथिंग अंडरस्टूड’ को प्रस्तुत किया और भारत के सामाजिक-सांस्कृतिक जीवन पर गहरी पकड़ बनाई। उन्होंने भारत पर कई चर्चित पुस्तकें लिखीं, जिनमें नो फुल स्टॉप्स इन इंडिया, इंडिया इन स्लो मोशन, द हार्ट ऑफ इंडिया, अमृतसर: मिसेज गांधी लास्ट बैटल, इंडियाज अनएंडिंग जर्नी और द रोड अहेड प्रमुख हैं। उनकी अंतिम पुस्तक अपकंट्री टेल्स: वन्स अपॉन ए टाइम इन द हार्ट ऑफ इंडिया (2017) ग्रामीण उत्तर भारत की कहानियों का जीवंत चित्रण है।
निजी जीवन की बात करें तो मार्क टली ने 2001 में मार्गरेट से विवाह किया, जिनसे उनके चार बच्चे हैं। वे भारत में अपनी गर्लफ्रेंड जिलियन राइट के साथ रहते थे। उनके योगदान के लिए उन्हें 2002 में नाइटहुड से सम्मानित किया गया और भारत सरकार ने 2005 में उन्हें पद्म भूषण से नवाजा।
मार्क टली का निधन पत्रकारिता और साहित्य जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। भारत को समझने और दुनिया तक उसकी सच्ची तस्वीर पहुंचाने में उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा।