उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने एनसीसी और सैनिक स्कूलों की समीक्षा की
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NCC India News
उपराष्ट्रपति को एनसीसी और सैनिक स्कूलों की उपलब्धियों एवं विस्तार योजनाओं की जानकारी दी गई।
लगभग 20 लाख कैडेटों वाले एनसीसी के प्रशिक्षण और राष्ट्र निर्माण कार्यक्रमों पर चर्चा हुई।
सैनिक स्कूलों के नेटवर्क को मजबूत करने और नए अवसर बढ़ाने के रोडमैप पर विचार किया गया।
Delhi / उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन को आज उपराष्ट्रपति भवन में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) और सैनिक स्कूलों की गतिविधियों, उपलब्धियों तथा भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। यह प्रस्तुति रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ और रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दी गई।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने एनसीसी के निरंतर विस्तार और युवाओं के बीच इसकी बढ़ती लोकप्रियता पर प्रकाश डाला। बताया गया कि एनसीसी आज लगभग 20 लाख कैडेटों वाला देश का सबसे बड़ा वर्दीधारी युवा संगठन बन चुका है। इसके माध्यम से युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित की जा रही है। अधिकारियों ने एनसीसी के प्रशिक्षण कार्यक्रमों, सामुदायिक सेवा गतिविधियों और राष्ट्र-निर्माण से जुड़ी विभिन्न पहलों की भी जानकारी साझा की।
प्रस्तुति में सैनिक स्कूलों के विस्तार और उनके आधुनिकीकरण पर भी विशेष चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि देशभर में सैनिक स्कूलों का नेटवर्क लगातार मजबूत किया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सैन्य करियर के लिए बेहतर अवसर मिल सकें। साथ ही नए सैनिक स्कूलों की स्थापना और मौजूदा संस्थानों में सुविधाओं के विस्तार की योजनाओं पर भी जानकारी दी गई।
उपराष्ट्रपति को यह भी बताया गया कि एनसीसी और सैनिक स्कूल न केवल युवाओं को रक्षा सेवाओं के लिए तैयार कर रहे हैं, बल्कि उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन संस्थानों के माध्यम से देश के युवाओं में नेतृत्व, अनुशासन और राष्ट्रीय एकता के मूल्यों को मजबूत किया जा रहा है।
बैठक में भविष्य की योजनाओं और देशभर में एनसीसी तथा सैनिक स्कूलों के नेटवर्क को और अधिक प्रभावी बनाने के रोडमैप पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रयासों से युवाओं को नए अवसर मिलेंगे और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया को और अधिक मजबूती मिलेगी।