Mp Intern Doctors Protest: एमपी में इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन तेज, पुलिस से झड़प
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Mp Intern Doctors Protest 2026
इंटर्न डॉक्टरों ने स्टाइपेंड 14,337 से बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने की मांग की।
भोपाल के हमीदिया अस्पताल समेत कई सरकारी अस्पतालों में OPD बंद रखने का ऐलान।
कमला पार्क में डॉक्टरों का धरना जारी, कलेक्टर ने बातचीत से आंदोलन खत्म कराने का प्रयास किया।
Bhopal / मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब और तेज हो गया है। गांधी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध हमीदिया अस्पताल के इंटर्न डॉक्टरों ने मंगलवार को OPD बंद रखने का ऐलान किया है। डॉक्टरों का कहना है कि उनका आंदोलन केवल भोपाल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रदेश के अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पतालों में भी इसका असर दिखाई देगा।
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर सोमवार को जूनियर और इंटर्न डॉक्टरों ने हमीदिया अस्पताल में प्रदर्शन किया। इसके बाद डॉक्टर मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने के लिए सीएम हाउस की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग की। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच स्थिति तनावपूर्ण होने के बाद पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।
इंटर्न डॉक्टरों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान उनके साथ मारपीट की गई, जिसमें कई डॉक्टरों को चोटें आईं। हालांकि, पुलिस कार्रवाई को लेकर डॉक्टरों के आरोपों पर आधिकारिक स्तर से विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद प्रदर्शनकारी हमीदिया अस्पताल से निकलकर कमला पार्क की ओर पहुंच गए। यहां बैरिकेडिंग कर उन्हें आगे बढ़ने से रोका गया तो डॉक्टर सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। देखते ही देखते कमला पार्क की सड़क आंदोलन स्थल में बदल गई और देर रात तक डॉक्टरों का प्रदर्शन जारी रहा।
14,337 रुपये स्टाइपेंड से नाराज इंटर्न
इंटर्न डॉक्टर डॉ. अक्षत सोनी ने बताया कि वर्तमान में उन्हें करीब 14,337 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड मिल रहा है। डॉक्टरों की मांग है कि इसे बढ़ाकर कम से कम 25 हजार रुपये प्रति माह किया जाए। उनका कहना है कि सरकार की ओर से पहले स्टाइपेंड बढ़ाने का भरोसा दिया गया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई फैसला नहीं हुआ है।
इंटर्न डॉक्टरों का दावा है कि मध्य प्रदेश में उन्हें देश के सबसे कम स्टाइपेंड में से एक मिल रहा है। डॉक्टरों ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के बाद मध्य प्रदेश में इंटर्न को कम स्टाइपेंड मिलने की बात सामने आती है। उनके मुताबिक, उत्तर प्रदेश में इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह किया जा चुका है।
लंबे समय से मांग, अब OPD बंद करने का फैसला
इंटर्न डॉक्टर संकेश शर्मा ने कहा कि स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग अचानक उठाया गया मुद्दा नहीं है। डॉक्टर लंबे समय से सरकार के सामने अपनी मांग रखते आ रहे हैं। करीब एक महीने पहले भी इंटर्न डॉक्टरों ने मांग पूरी नहीं होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी दी थी। उस समय जल्द निर्णय लेने का भरोसा मिलने के बाद आंदोलन टाल दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस फैसला नहीं होने से डॉक्टरों में नाराजगी बढ़ गई है।
इसी के चलते मंगलवार से प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध अस्पतालों में OPD सेवाएं बंद रखने का निर्णय लिया गया है। हालांकि, इमरजेंसी सेवाओं को लेकर डॉक्टरों की ओर से अलग व्यवस्था जारी रखने की बात कही गई है।
प्रदर्शन से यातायात प्रभावित
डॉक्टरों के सड़क पर धरने के कारण पॉलीटेक्निक चौराहे से हमीदिया रोड की ओर आने-जाने वाले मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ। सड़क पर प्रदर्शन के चलते लोगों को जाम का सामना करना पड़ा और आवाजाही में परेशानी हुई।
आंदोलन के बीच भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा भी कमला पार्क पहुंचे और प्रदर्शनकारी मेडिकल छात्रों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। हालांकि, डॉक्टर अपनी मांग पर कायम रहे और उन्होंने आंदोलन समाप्त नहीं किया।
अब इंटर्न डॉक्टरों की नजर सरकार के अगले कदम पर है। डॉक्टरों का कहना है कि जब तक स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर आधिकारिक फैसला या ठोस बातचीत नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। दूसरी ओर, आंदोलन के कारण सरकारी अस्पतालों की नियमित स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।