एनसीपी नेता अजित पवार के निजी विमान दुर्घटनाग्रस्त
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Ajit Pawar Plane Crash
बारामती में लैंडिंग के दौरान निजी विमान हादसे का शिकार.
खेतों में गिरने से बड़ी जनहानि टली.
प्रशासन और एजेंसियों ने जांच शुरू की.
Baramati / महाराष्ट्र के बारामती क्षेत्र के आसपास उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब एनसीपी के वरिष्ठ नेता और राज्य के डिप्टी मुख्यमंत्री अजित पवार के निजी विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना सामने आई। बताया जा रहा है कि यह हादसा उस समय हुआ जब विमान बारामती में लैंडिंग की कोशिश कर रहा था। शुरुआती जानकारी के अनुसार विमान अचानक संतुलन खो बैठा और खेतों के पास नीचे गिर गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के तुरंत बाद विमान में आग लग गई और कुछ ही पलों में आग की लपटों के साथ घना काला धुआं उठता दिखाई देने लगा। दूर-दराज़ तक धुएं का गुबार नजर आया, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। हादसे की खबर मिलते ही पुलिस, प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं और इलाके को घेराबंदी कर सुरक्षित किया गया।
घटनास्थल से सामने आई तस्वीरों और वीडियो में विमान पूरी तरह क्षतिग्रस्त दिखाई दे रहा है। विमान के टुकड़े चारों ओर बिखरे हुए हैं और ढांचा जलकर लगभग राख में तब्दील हो चुका है। बताया जा रहा है कि जिस जगह विमान गिरा, वहां खेती की जा रही थी, जिससे बड़ा जनहानि टल गई। हालांकि हादसा क्रैश लैंडिंग था या किसी तकनीकी खराबी के चलते विमान गिरा, इस पर अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि विमान के ब्लैक बॉक्स और तकनीकी रिकॉर्ड की जांच के बाद ही असली कारण सामने आ पाएगा। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार उन्होंने तेज आवाज सुनी और फिर आग की ऊंची लपटें उठती देखीं। घटना के बाद पूरे इलाके में यातायात रोक दिया गया और सुरक्षा के लिहाज से लोगों को दूर रहने की सलाह दी गई।
बताया जा रहा है कि अजित पवार किसी चुनावी कार्यक्रम या राजनीतिक दौरे के सिलसिले में बारामती आ रहे थे। इस खबर के सामने आते ही राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में चिंता का माहौल है, वहीं प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल अधिकारियों की ओर से यात्रियों और चालक दल की स्थिति को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चस्तरीय जांच के संकेत दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हादसे विमानन सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करते हैं। आने वाले समय में जांच रिपोर्ट के आधार पर यह साफ हो सकेगा कि यह हादसा मानवीय चूक, तकनीकी खराबी या किसी अन्य कारण से हुआ। फिलहाल पूरा प्रशासन राहत, बचाव और जांच कार्य में जुटा हुआ है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।