सेक्स सीडी कांड में CBI अपील पर कांग्रेस हाईकोर्ट जाएगी

Tue 27-Jan-2026,04:09 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

सेक्स सीडी कांड में CBI अपील पर कांग्रेस हाईकोर्ट जाएगी Chhattisgarh-Sex-CD-Case-Congress-CBI-High-Court
  • मार्च 2025 में विशेष अदालत से भूपेश बघेल की बरी होने के बाद मामले को दोबारा उठाने पर राजनीतिक विवाद गहरा गया।

  • 2017 में सामने आए इस मामले ने राज्य की राजनीति में बड़ा भूचाल पैदा किया था, जो अब फिर कानूनी बहस में है।

Chhattisgarh / Raipur :

Raipur/ छत्तीसगढ़ के चर्चित सेक्स सीडी मामले में कानूनी संघर्ष एक बार फिर नए मोड़ पर पहुंच गया है। रायपुर सेशन कोर्ट में CBI द्वारा पुनः अपील दाखिल किए जाने के बाद कांग्रेस ने इस कार्रवाई का कड़ा विरोध दर्ज कराया है और इसे हाईकोर्ट में चुनौती देने का फैसला किया है।

कांग्रेस का कहना है कि जब CBI की विशेष अदालत पहले ही पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सभी आरोपों से मुक्त कर चुकी है, तब उसी मामले को दोबारा आगे बढ़ाना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है। पार्टी नेताओं का तर्क है कि एजेंसी की यह पहल राजनीतिक दबाव में की जा रही कार्रवाई प्रतीत होती है।

गौरतलब है कि मार्च 2025 में CBI की विशेष अदालत ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए भूपेश बघेल को बरी कर दिया था। अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि जांच के दौरान प्रस्तुत किए गए साक्ष्य आरोप सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। इस फैसले के बाद यह माना जा रहा था कि वर्षों से चला आ रहा यह विवाद समाप्त हो गया है।

हालांकि, CBI ने अब रायपुर सेशन कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर कर मामले को फिर से जीवित कर दिया है। एजेंसी का कहना है कि कुछ कानूनी बिंदुओं और तथ्यों पर दोबारा विचार आवश्यक है। इसी कदम के बाद कांग्रेस ने हाईकोर्ट में जाने की रणनीति तय की है।

यह पूरा मामला 27 अक्टूबर 2017 को सामने आया था, जब तत्कालीन पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल के रायपुर स्थित आवास से एक कथित सेक्स सीडी जब्त किए जाने का दावा किया गया था। सीडी में तत्कालीन मंत्री राजेश मूणत से मिलते-जुलते व्यक्ति को आपत्तिजनक स्थिति में दिखाए जाने की बात कही गई थी। वीडियो सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में भारी उथल-पुथल मच गई और जांच CBI को सौंप दी गई।

अब जबकि मामला फिर अदालतों में पहुंच चुका है, सभी की निगाहें हाईकोर्ट के अगले कदम पर टिकी हैं।