केरल में सियासी संग्राम: पिनाराई विजयन ने राहुल गांधी पर साधा निशाना, कांग्रेस को बताया BJP की बी-टीम
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Pinarayi Vijayan Statement
विजयन ने कांग्रेस को बताया BJP की बी-टीम.
राहुल गांधी के बयान पर दिया कड़ा जवाब.
केरल की राजनीति में बढ़ी हलचल.
Keral / केरल की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कांग्रेस और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। शनिवार (21 मार्च 2026) को दिए एक इंटरव्यू में विजयन ने कांग्रेस को भारतीय जनता पार्टी (BJP) की “बी-टीम” तक करार दे दिया। उनका यह बयान राहुल गांधी के उस हालिया आरोप के जवाब में आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि केंद्र की एजेंसियां देशभर में विपक्षी नेताओं पर कार्रवाई करती हैं, लेकिन केरल के मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया गया।
विजयन ने राहुल गांधी के इस बयान को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि कांग्रेस और बीजेपी के बीच अंदरूनी तालमेल दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपने अनुभवों से भी नहीं सीखते और बार-बार वही गलतियां दोहराते हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी राजनीति और बयानबाजी में गंभीरता की कमी दिखती है।
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने केजरीवाल पर कई गंभीर आरोप लगाए थे, लेकिन अदालत ने उन्हें सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। इसके बावजूद राहुल गांधी ने अपने रुख में बदलाव नहीं किया, जो यह दर्शाता है कि वे अपने अनुभवों से सबक नहीं लेते।
विजयन ने आगे दावा किया कि केरल की राजनीति में पहले भी कई मौकों पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच अप्रत्यक्ष सहयोग देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि दोनों ही पार्टियां एक ही तरीके से लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) का विरोध करती हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि उनके बीच किसी स्तर पर समझ या तालमेल हो सकता है।
हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि आने वाले चुनावों में क्या राजनीतिक समीकरण बनेंगे, यह अभी स्पष्ट नहीं है। लेकिन उनके बयान ने राज्य की राजनीति में एक नई बहस जरूर छेड़ दी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप चुनावी माहौल को और गरमा सकते हैं। केरल में पहले से ही एलडीएफ और यूडीएफ के बीच कड़ा मुकाबला रहता है, ऐसे में बीजेपी की भूमिका और भी अहम हो जाती है।
कुल मिलाकर, पिनाराई विजयन का यह बयान सिर्फ एक राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि आने वाले चुनावों से पहले अपनी स्थिति मजबूत करने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।