ओमान के पास भारतीय जहाज MT जलवीर पर हमला, होर्मुज क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच समुद्री सुरक्षा पर संकट
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Indian Ship Attack Oman
ओमान के पास भारतीय जहाज MT जलवीर पर हमला, जहाज में लगी आग।
होर्मुज क्षेत्र में हमलों के बीच 3 भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि।
अमेरिका-ईरान तनाव से समुद्री सुरक्षा और व्यापार पर बढ़ी चिंता।
Oman / मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच गुरुवार को ओमान के तट के पास भारतीय क्रू वाले जहाज MT जलवीर पर हमला होने की खबर सामने आई है। हमले के बाद जहाज में आग लग गई, जिससे समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमला किसने किया, लेकिन घटना के बाद भारतीय दूतावास स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है और हालात पर लगातार नजर रख रहा है।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब होर्मुज स्ट्रेट और ओमान की खाड़ी के आसपास हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। इससे एक दिन पहले ही होर्मुज स्ट्रेट के पास तेल टैंकर MT सेत्तेबेल्लो पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हुई थी। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल के अनुसार, मृतकों में से दो के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि अन्य प्रभावित लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
अमेरिकी सेना का दावा है कि MT सेत्तेबेल्लो ईरानी तेल ले जा रहा था और उसने कई चेतावनियों की अनदेखी की थी, जिसके बाद उस पर कार्रवाई की गई। हालांकि इस घटनाक्रम ने क्षेत्र में पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा दिया है।
बीते कुछ दिनों में भारतीय क्रू वाले जहाजों पर यह दूसरा बड़ा हमला है। इससे पहले सोमवार को अमेरिकी कार्रवाई में MT मैरिवेक्स को निशाना बनाया गया था। उस जहाज पर सवार सभी 24 भारतीय नाविकों को ओमान की नौसेना ने सुरक्षित बचा लिया था।
इस बीच क्षेत्रीय हालात लगातार जटिल होते जा रहे हैं। जॉर्डन ने दावा किया है कि उसने ईरान से दागी गई पांच मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। वहीं ईरानी मीडिया ने दक्षिणी ईरान में एक अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन मार गिराने का दावा किया है, हालांकि अमेरिका ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
तनाव कम करने के लिए रूस ने अमेरिका और ईरान दोनों से सैन्य कार्रवाई रोककर बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की है। वहीं कतर ने भी कूटनीतिक प्रयास तेज करते हुए अपना प्रतिनिधिमंडल तेहरान भेजा है, ताकि क्षेत्रीय संकट को कम किया जा सके।
सबसे अधिक चिंता होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बनी हुई है। ईरान का दावा है कि उसने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को बंद कर दिया है और वहां से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाया जा सकता है। दूसरी ओर अमेरिका का कहना है कि समुद्री मार्ग अभी भी खुला है और जहाजों की आवाजाही जारी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट का भविष्य अब केवल राजनीतिक या सैन्य बयानों पर निर्भर नहीं करेगा। अंतिम फैसला शिपिंग कंपनियां करेंगी। यदि कंपनियों को यह मार्ग असुरक्षित लगता है तो वे जहाज भेजना कम कर सकती हैं, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित हो सकता है।
मौजूदा हालात बताते हैं कि भले ही होर्मुज स्ट्रेट तकनीकी रूप से खुला हो, लेकिन बढ़ते खतरे के कारण जहाजों की आवाजाही में पहले ही उल्लेखनीय कमी देखी जा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में मध्य-पूर्व का यह समुद्री क्षेत्र वैश्विक राजनीति और व्यापार का केंद्र बना रह सकता है।