CJP Protest Ends: जंतर-मंतर में इंटरनेट सेवा बहाल, दिल्ली मेट्रो के सभी स्टेशन फिर से खुले

Sat 25-Jul-2026,10:26 PM IST +05:30

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CJP Protest Ends: जंतर-मंतर में इंटरनेट सेवा बहाल, दिल्ली मेट्रो के सभी स्टेशन फिर से खुले CJP Protest Ends
  • CJP ने सरकार के आश्वासन के बाद अपना आंदोलन समाप्त किया।

  • जंतर-मंतर क्षेत्र में इंटरनेट सेवा बहाल, दिल्ली मेट्रो के सभी स्टेशन फिर खुले।

  • सरकार ने परीक्षा सुधार और अन्य मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया।

Delhi / Delhi :

New Delhi / राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में NEET-UG परीक्षा विवाद को लेकर कई सप्ताह से जारी आंदोलन समाप्त होने के बाद जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य होने लगा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार से प्रमुख मांगों पर सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद अपना आंदोलन वापस लेने की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही जंतर-मंतर और मध्य दिल्ली के आसपास के क्षेत्रों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बहाल कर दी गई हैं तथा दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने भी सभी मेट्रो स्टेशनों पर सामान्य यात्री सेवाएं फिर से शुरू कर दी हैं।

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने बताया कि सुरक्षा कारणों से अस्थायी रूप से बंद किए गए सभी मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार अब पूरी तरह खोल दिए गए हैं। आंदोलन के दौरान राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय, मंडी हाउस, आईटीओ, नई दिल्ली समेत मध्य दिल्ली के 18 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर चरणबद्ध तरीके से प्रतिबंध लगाए गए थे। अब यात्रियों के लिए सभी सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध हैं।

आंदोलन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस और प्रशासन ने जंतर-मंतर तथा आसपास के क्षेत्रों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगाया था। कई स्थानों पर मोबाइल नेटवर्क को बाधित करने के लिए जैमर का भी उपयोग किया गया था। साथ ही लोगों को नई दिल्ली क्षेत्र में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई थी, क्योंकि विरोध प्रदर्शन के चलते भारी भीड़ और यातायात जाम की स्थिति बनी हुई थी।

दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी संदेश में यात्रियों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की थी ताकि उन्हें अनावश्यक देरी और असुविधा का सामना न करना पड़े। आंदोलन समाप्त होने के बाद अब अधिकांश यातायात प्रतिबंध भी हटा दिए गए हैं और स्थिति सामान्य होने लगी है।

CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि संगठन ने सरकार से मिले आश्वासनों के आधार पर "सद्भावना" के तहत आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया है। उनके अनुसार, सरकार ने तय समयसीमा के भीतर सहमत बिंदुओं पर कार्रवाई करने का भरोसा दिया है और इसी विश्वास के साथ आंदोलन वापस लिया गया है।

यह आंदोलन NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में शुरू हुआ था। आंदोलन के दौरान जंतर-मंतर देशभर के प्रदर्शनकारियों का प्रमुख केंद्र बना रहा। इसी आंदोलन के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक भूख हड़ताल भी की थी। बाद में केंद्र सरकार के साथ बातचीत और आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने भी अपना अनशन समाप्त कर दिया।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा था कि वह नहीं चाहते कि परीक्षा अनियमितताओं को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों का दुरुपयोग राष्ट्र-विरोधी ताकतें करें। इसके बाद सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बदलाव करते हुए नई जिम्मेदारियां भी तय कीं।

CJP का दावा है कि केंद्र सरकार ने परीक्षा अनियमितताओं से प्रभावित परिवारों के लिए सहायता, प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों की समीक्षा तथा परीक्षा प्रणाली में सुधार जैसे मुद्दों पर सकारात्मक रुख अपनाया है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने भी कहा कि सरकार संगठन द्वारा दिए गए परीक्षा सुधार संबंधी सुझावों और पांच-सूत्रीय चार्टर पर गंभीरता से विचार करेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आवश्यक समीक्षा के बाद उचित कदम उठाए जाएंगे। आंदोलन समाप्त होने के बाद अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार अपने आश्वासनों को किस तरह और कितनी जल्दी अमल में लाती है।