भारतीय नौसेना का प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शनी बना समुद्री सद्भावना का दूत

Mon 13-Jul-2026,02:43 PM IST +05:30

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भारतीय नौसेना का प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शनी बना समुद्री सद्भावना का दूत INS Sudarshini
  • आईएनएस सुदर्शनी ने सेल बोस्टन 2026 की ग्रैंड परेड ऑफ सेल्स में भाग लिया।

  • पोत ने वैश्विक मंच पर भारत की समुद्री विरासत और नौसैनिक परंपराओं का प्रदर्शन किया।

  • भारत-अमेरिका समुद्री सहयोग और अंतरराष्ट्रीय सद्भावना को मिला नया बल।

Odisha / Bhubaneshwar :

Bhubneshwar / भारतीय नौसेना का नौकायन प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शनी 12 जुलाई 2026 को अमेरिका के बोस्टन बंदरगाह पहुंचा। इससे पहले पोत ने न्यूयॉर्क में आयोजित प्रतिष्ठित सेल4थ 250 समारोह में सफलतापूर्वक भाग लिया था। बोस्टन पहुंचने के बाद आईएनएस सुदर्शनी ने सेल बोस्टन 2026 के शुभारंभ अवसर पर आयोजित भव्य “ग्रैंड परेड ऑफ सेल्स” में हिस्सा लेकर भारत का गौरव बढ़ाया।

इस अवसर पर बोस्टन में भारत के महावाणिज्यदूत रघुराम शास्त्री भी विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने ग्रैंड परेड ऑफ सेल्स में भाग लिया और बोस्टन में पोत के औपचारिक प्रवेश के दौरान आईएनएस सुदर्शनी पर सवार हुए। भारतीय तिरंगे से सुसज्जित यह पोत बोस्टन के कई प्रमुख स्थलों, जिनमें कैसल द्वीप और सीपोर्ट डिस्ट्रिक्ट शामिल हैं, से होकर गुजरा। परेड के समापन पर यह बोस्टन फिश पियर पर आकर रुका, जहां लोगों ने इसका उत्साहपूर्वक स्वागत किया।

सेल बोस्टन 2026 में दुनिया के 20 से अधिक देशों के 60 से ज्यादा विशाल और ऐतिहासिक जहाज हिस्सा ले रहे हैं। इस अंतरराष्ट्रीय समुद्री आयोजन में आईएनएस सुदर्शनी भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए सद्भावना के समुद्री राजदूत की भूमिका निभा रहा है। यह यात्रा भारतीय नौसेना के ‘लोकायन 2026’ समुद्री अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य समुद्री कूटनीति को बढ़ावा देना, अंतरराष्ट्रीय सहयोग मजबूत करना और विभिन्न देशों के साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करना है।

भारतीय नौसेना के अनुसार, आईएनएस सुदर्शनी 12 से 15 जुलाई 2026 तक आम जनता और आगंतुकों के लिए खुला रहेगा। इस दौरान लोग पोत का अवलोकन कर सकेंगे और भारत की समुद्री परंपराओं तथा नौसैनिक क्षमताओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

नॉरफ़ॉक, बाल्टीमोर और न्यूयॉर्क में सफल पोर्ट कॉल के बाद बोस्टन में आईएनएस सुदर्शनी की उपस्थिति भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते समुद्री सहयोग का भी प्रतीक मानी जा रही है। यह यात्रा दोनों देशों के बीच मजबूत होते रणनीतिक और समुद्री संबंधों को नई मजबूती प्रदान करती है।

आईएनएस सुदर्शनी की यह भागीदारी न केवल भारतीय नौसेना की पेशेवर क्षमता को प्रदर्शित करती है, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की समृद्ध समुद्री विरासत, सांस्कृतिक पहचान और अंतरराष्ट्रीय मित्रता के संदेश को भी प्रभावी ढंग से सामने लाती है।