ANRF, क्वांटम मिशन और वैज्ञानिक सहयोग पर हुई समीक्षा बैठक, बोले डॉ. जितेंद्र सिंह

Sun 12-Jul-2026,11:55 PM IST +05:30

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ANRF, क्वांटम मिशन और वैज्ञानिक सहयोग पर हुई समीक्षा बैठक, बोले डॉ. जितेंद्र सिंह Swachh Sagar Surakshit Sagar
  • ‘स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर’ अभियान 2026 की तैयारियों की समीक्षा की गई।

  • वैज्ञानिक संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग पर जोर दिया गया।

  • ANRF, राष्ट्रीय क्वांटम मिशन और विज्ञान संचार रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा हुई।

Delhi / Delhi :

Delhi / केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने नई दिल्ली स्थित सीएसआईआर-विज्ञान केंद्र में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए देश के वैज्ञानिक संस्थानों और विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी), जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी), वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग (डीएसआईआर), पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (एमओईएस), इसरो और अन्य प्रमुख वैज्ञानिक संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न वैज्ञानिक विभागों की प्रगति की समीक्षा करना और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को तेजी से पूरा करने के लिए साझा रणनीति तैयार करना था। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि वैज्ञानिक संस्थानों को अलग-अलग इकाइयों के रूप में कार्य करने के बजाय एक एकीकृत वैज्ञानिक इकोसिस्टम के रूप में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंत्रालयों और संस्थानों के बीच नियमित संवाद, ज्ञान साझा करने की संस्कृति और संयुक्त परियोजनाएं वैज्ञानिक नवाचार को नई गति देंगी तथा आम नागरिकों तक वैज्ञानिक उपलब्धियों का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचा सकेंगी।

बैठक में 10 से 19 सितंबर 2026 तक आयोजित होने वाले राष्ट्रव्यापी तटीय स्वच्छता अभियान ‘स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर’ की तैयारियों पर विशेष चर्चा हुई। डॉ. सिंह ने कहा कि यह अभियान केवल समुद्र तटों की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी और वैज्ञानिक जागरूकता से जोड़ना भी है। इस पहल के तहत वैज्ञानिक संस्थानों, सरकारी एजेंसियों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वयंसेवकों और स्थानीय समुदायों को एक मंच पर लाकर देश के सबसे बड़े तटीय स्वच्छता अभियानों में से एक को सफल बनाने की योजना है।

बैठक में विज्ञान मंत्रालयों की संचार रणनीति की भी समीक्षा की गई। विभिन्न विभागों ने अपनी उपलब्धियों और अनुसंधान कार्यों को लोगों तक पहुंचाने के लिए डिजिटल माध्यमों, वृत्तचित्रों, वीडियो, इन्फोग्राफिक्स और जन-जागरूकता अभियानों के उपयोग की जानकारी दी। उद्देश्य यह है कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों को अधिक व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाया जा सके।

डीएसटी ने राष्ट्रीय क्वांटम मिशन, अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (ANRF), साइबर-भौतिक प्रणालियों पर राष्ट्रीय मिशन तथा अनुसंधान, विकास एवं नवाचार (RDI) योजना जैसी प्रमुख पहलों की जानकारी प्रस्तुत की। वहीं डीएसआईआर ने बताया कि सीएसआईआर पिछले 12 वर्षों की प्रमुख वैज्ञानिक उपलब्धियों का एक विस्तृत प्रकाशन तैयार कर रहा है, जिसे इस वर्ष के अंत में जारी किया जाएगा।

जैव प्रौद्योगिकी विभाग ने सार्वजनिक स्वास्थ्य, जैव-अर्थव्यवस्था, जीनोमिक्स, कृषि जैव प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप इकोसिस्टम में अपने योगदान को रेखांकित किया। विभाग ने #DBTQuest जैसे राष्ट्रव्यापी अभियानों के माध्यम से युवाओं और आम नागरिकों के बीच वैज्ञानिक जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों की भी जानकारी दी।

बैठक में इसरो, सीएसआईआर, डीएसटी, डीबीटी और बार्क सहित विभिन्न संस्थानों के बीच चल रही सहयोगात्मक परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इनमें जैव-चिकित्सा अनुसंधान, तकनीकी विकास, नवाचार मंच और पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए विशेष कार्यक्रम शामिल हैं। साथ ही ANRF के अंतर्गत SARAL_AI प्लेटफॉर्म की प्रगति, शोधकर्ताओं की बढ़ती भागीदारी और अनुसंधान संबंधी जानकारी को डिजिटल माध्यमों से अधिक सुलभ बनाने पर भी चर्चा हुई।

इसके अलावा इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल (IISF) 2026, राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस 2026 और अन्य प्रमुख वैज्ञानिक आयोजनों की तैयारियों की समीक्षा की गई। विभिन्न विभागों ने इन कार्यक्रमों में शोधकर्ताओं, उद्योगों, स्टार्टअप्स, विद्यार्थियों और आम जनता की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अपनी योजनाएं साझा कीं।

बैठक के समापन पर डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत का वैज्ञानिक इकोसिस्टम एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है, जहां अनुसंधान उत्कृष्टता, तकनीकी नवाचार, संस्थागत समन्वय और जनभागीदारी को साथ लेकर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि विभागों के बीच बढ़ता सहयोग भारत को विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।