कारगिल विजय दिवस 2026: राजनाथ सिंह ने ‘शौर्य विजय यात्रा’ को दिखाई हरी झंडी
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Kargil Vijay Diwas
राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से शौर्य विजय यात्रा को हरी झंडी दिखाई।
28 बाइक सवार 1,900 किलोमीटर की यात्रा कर कारगिल पहुंचेंगे।
अभियान का समापन 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस पर होगा।
Delhi / कारगिल विजय दिवस 2026 के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 14 जुलाई को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से लद्दाख के द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक तक जाने वाली 13 दिवसीय ‘शौर्य विजय यात्रा’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह यात्रा 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस के अवसर पर कारगिल युद्ध स्मारक पहुंचकर संपन्न होगी।
इस विशेष अभियान में सेवारत और सेवानिवृत्त रक्षा बलों के कर्मियों सहित 28 बाइक सवार भाग ले रहे हैं। उनके साथ परिवार के सदस्य भी इस ऐतिहासिक यात्रा का हिस्सा हैं। करीब 1,900 किलोमीटर लंबी यह यात्रा उत्तरी हिमालय के कठिन और दुर्गम मार्गों से होकर गुजरेगी। अभियान का आदर्श वाक्य है— “एक सवारी, एक राष्ट्र, एक सलाम।”
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 1999 के कारगिल युद्ध में शहीद हुए वीर सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिकों ने अदम्य साहस, अनुशासन, धैर्य और देशभक्ति का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया, जिसका अध्ययन आज भी दुनिया की सेनाएं करती हैं। उन्होंने याद दिलाया कि लगभग 20 हजार फीट की ऊंचाई और माइनस 40 डिग्री तक गिरते तापमान में भारतीय जवानों ने असाधारण वीरता दिखाते हुए दुश्मन के कब्जे से महत्वपूर्ण चोटियों और बंकरों को मुक्त कराया था।
रक्षा मंत्री ने परम वीर चक्र से सम्मानित कारगिल युद्ध के नायकों—कैप्टन विक्रम बत्रा, लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडे, सूबेदार मेजर (मानद कप्तान) योगेंद्र सिंह यादव और सूबेदार मेजर (मानद कप्तान) संजय कुमार—के योगदान को विशेष रूप से याद किया। उन्होंने कहा कि इन वीरों का जीवन और बलिदान देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
यात्रा के दौरान बाइक सवार चंडीमंदिर युद्ध स्मारक, रेजांग ला युद्ध स्मारक और लेह युद्ध स्मारक सहित कई महत्वपूर्ण सैन्य स्मारकों पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके अलावा वे वीरांगनाओं से भी मुलाकात कर उनके साहस और योगदान का सम्मान करेंगे।
इस अभियान की एक खास बात यह भी है कि यात्री राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की पवित्र मिट्टी से भरा एक कलश अपने साथ लेकर जा रहे हैं। यह मिट्टी कारगिल युद्ध स्मारक पर अर्पित की जाएगी। राजनाथ सिंह ने कहा कि यह राष्ट्र की वर्तमान पीढ़ी की श्रद्धा और देश के वीर शहीदों की अमर गाथा के बीच एक भावनात्मक सेतु का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल एक स्मृति अभियान नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता, देशभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश देने वाला अभियान है। इस अवसर पर रक्षा प्रमुख जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ तथा कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। शौर्य विजय यात्रा आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा, सम्मान और बलिदान के मूल्यों से प्रेरित करने का कार्य करेगी।