President Murmu Flags Off PBG Soldierathon 2026: राष्ट्रपति मुर्मु ने पीबीजी सोल्जरेथॉन को दिखाई हरी झंडी
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President Murmu Flags Off PBG Soldierathon 2026
राष्ट्रपति मुर्मु ने पीबीजी सोल्जरेथॉन 2026 का शुभारंभ किया।
सैनिकों और नागरिकों के बीच संबंध मजबूत करने पर दिया गया जोर।
आयोजन से प्राप्त राशि सैनिकों एवं उनके परिवारों के कल्याण में होगी उपयोग।
New Delhi / भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने रविवार, 2 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में आयोजित एक विशेष समारोह में राष्ट्रपति के अंगरक्षक (Presidential Bodyguard-PBG) रेजिमेंट द्वारा आयोजित पीबीजी सोल्जरेथॉन को वर्चुअल हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मिजोरम के राज्यपाल एवं इस पहल के संरक्षक जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ. वी.के. सिंह भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ने इस आयोजन की स्मृति में जारी किए गए एक विशेष डाक आवरण (स्पेशल पोस्टल कवर) का भी विमोचन किया।
हालांकि उद्घाटन समारोह राष्ट्रपति भवन में आयोजित किया गया, लेकिन सोल्जरेथॉन दौड़ का आयोजन दिल्ली छावनी स्थित करियप्पा परेड ग्राउंड में किया गया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में सैनिकों, पूर्व सैनिकों, युवाओं, नागरिकों और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस वर्ष सोल्जरेथॉन का आयोजन "सैनिकों के लिए दौड़ें, सैनिकों के साथ दौड़ें" की प्रेरणादायक संकल्पना पर आधारित रहा। इसका उद्देश्य आम नागरिकों और भारतीय सशस्त्र बलों के बीच संबंधों को और अधिक मजबूत बनाना है। कार्यक्रम की थीम "वास्तविक नायक – भारत के सशस्त्र बलों का समर्थन" रखी गई, जिसके माध्यम से देश की रक्षा में तैनात सैनिकों के साहस, समर्पण और सर्वोच्च बलिदान को सम्मान दिया गया।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को भारतीय सैनिकों के प्रति अपनी एकजुटता और सम्मान व्यक्त करने का अवसर प्रदान करना है। आयोजकों के अनुसार, सोल्जरेथॉन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, सामाजिक सहभागिता और सैनिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक प्रभावी माध्यम है। इसमें भाग लेकर लोग यह संदेश देते हैं कि पूरा देश अपने सैनिकों और उनके परिवारों के साथ खड़ा है।
सोल्जरेथॉन को तीन अलग-अलग श्रेणियों—3 किलोमीटर, 5 किलोमीटर और 10 किलोमीटर—में आयोजित किया गया, ताकि हर आयु वर्ग और फिटनेस स्तर के लोग इसमें भाग ले सकें। इस दौड़ में सैनिकों के साथ आम नागरिकों की भागीदारी ने आयोजन को और अधिक विशेष बना दिया।
इस आयोजन से प्राप्त राशि का उपयोग सशस्त्र बलों के पैराप्लेजिक रिहैबिलिटेशन सेंटर की सहायता, युद्ध में घायल हुए सैनिकों के पुनर्वास तथा युद्ध में शहीद या हताहत सैनिकों के परिवारों के कल्याण के लिए किया जाएगा। इसके अलावा राष्ट्रपति के अंगरक्षक बल (पीबीजी) के घोड़ों और सैनिकों के संरक्षण एवं आवश्यक सहायता के लिए भी इस निधि का उपयोग किया जाएगा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इस अवसर पर सैनिकों की निष्ठा, साहस और राष्ट्रसेवा की भावना की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज और सशस्त्र बलों के बीच विश्वास तथा भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने नागरिकों से देश के वीर सैनिकों के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना बनाए रखने का आह्वान किया।
पीबीजी सोल्जरेथॉन देशभक्ति, सामाजिक उत्तरदायित्व और सैनिक कल्याण के प्रति जनभागीदारी का एक अनूठा उदाहरण बनकर उभरा है। यह आयोजन न केवल भारतीय सशस्त्र बलों के अद्वितीय योगदान को सम्मान देता है, बल्कि नागरिकों को भी राष्ट्र निर्माण और सैनिकों के कल्याण से जुड़ने का प्रेरक अवसर प्रदान करता है।