Sankalp 2026: Indian Air Force के Swadeshi Defence Mission को नई ताकत, Sanjay Seth ने किया बड़ा आह्वान
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Indian Air Force News
संकल्प 2026 सेमिनार में स्वदेशी रक्षा निर्माण और आत्मनिर्भर भारत पर विशेष जोर दिया गया।
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने नवाचार और स्वदेशी तकनीकों को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
भारतीय वायु सेना, SIDM और रक्षा उद्योग के प्रतिनिधियों ने भविष्य की एयरोस्पेस आवश्यकताओं पर चर्चा की।
New Delhi / रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने गुरुवार को नई दिल्ली में भारतीय वायु सेना (IAF) और सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (SIDM) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित 'संकल्प 2026' सेमिनार की अध्यक्षता की। स्वदेशीकरण पर केंद्रित इस कार्यक्रम का उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी विकास, नवाचार और ज्ञान आधारित साझेदारी को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में रक्षा मंत्रालय, भारतीय वायु सेना, रक्षा उद्योग, शिक्षा जगत और विभिन्न तकनीकी संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
अपने संबोधन में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि स्वदेशीकरण केवल आयात पर निर्भरता कम करने का प्रयास नहीं है, बल्कि एक सुदृढ़, आधुनिक और आत्मनिर्भर रक्षा प्रणाली के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि नवाचार और नई तकनीकों को प्राथमिकता देकर विचारों को व्यवहारिक और उपयोगी रक्षा उत्पादों में बदलना समय की आवश्यकता है। इससे देश की रक्षा क्षमता और अधिक मजबूत होगी तथा भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकेगा।
श्री सेठ ने कहा कि 'संकल्प 2026' जैसा मंच विभिन्न हितधारकों को एक साथ लाकर स्वदेशी रखरखाव, मरम्मत एवं नवीनीकरण (MRO), उपकरण निर्माण, प्रमाणन, नई तकनीकों को अपनाने और भविष्य की एयरोस्पेस आवश्यकताओं जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह के आयोजन रक्षा क्षेत्र में नवाचार और उद्योग-सरकार सहयोग को नई दिशा देंगे।
कार्यक्रम के दौरान रक्षा राज्य मंत्री ने भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, एसआईडीएम के अध्यक्ष अरुण टी. रामचंदानी, भारतीय वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में "Sankalp 2026: Problem Statements of Indian Air Force" पुस्तक का विमोचन भी किया। इस अवसर पर भारतीय वायु सेना के एयर ऑफिसर-इन-चार्ज मेंटेनेंस एयर मार्शल संजय घुरातिया ने स्वागत एवं प्रारंभिक संबोधन दिया।
सेमिनार के दौरान भारतीय वायु सेना की स्वदेशीकरण प्राथमिकताओं, रखरखाव संबंधी आवश्यकताओं, तकनीकी प्रगति और भविष्य की एयरोस्पेस चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम में रक्षा मंत्रालय, रक्षा बलों, सैन्य वायुयोग्यता एवं प्रमाणन केंद्र (CEMILAC), वैमानिकी गुणवत्ता आश्वासन महानिदेशक (DGAQA), SIDM, उद्योग जगत तथा शिक्षा संस्थानों के विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।
इस आयोजन में उद्योग भागीदारों ने एयरोस्पेस क्षेत्र में विकसित अपनी स्वदेशी तकनीकों और क्षमताओं का प्रदर्शन भी किया। साथ ही भारतीय वायु सेना, उद्योग प्रतिनिधियों, CEMILAC और DGAQA के अधिकारियों के बीच केंद्रित व्यावसायिक चर्चाएं आयोजित की गईं। कार्यक्रम के समापन पर सभी हितधारकों ने आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने और भारतीय रक्षा उत्पादन को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता दोहराई।