राजमार्गों का भविष्य कैसे बदलेगा? चिंतन शिविर 2026 में नितिन गडकरी ने बताईं बड़ी प्राथमिकताएं

Mon 05-Oct-2026,06:56 PM IST +05:30

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राजमार्गों का भविष्य कैसे बदलेगा? चिंतन शिविर 2026 में नितिन गडकरी ने बताईं बड़ी प्राथमिकताएं Chintan Shivir 2026
  • नितिन गडकरी ने चिंतन शिविर 2026 का उद्घाटन किया।

  • सड़क सुरक्षा, गुणवत्ता और बेहतर परियोजना योजना पर जोर दिया गया।

  • सुरक्षित, हरित और भविष्य उपयोगी राजमार्गों पर मंथन होगा।

Delhi / New Delhi :

New Delhi / भारत की राजमार्ग अवसंरचना को और मजबूत, सुरक्षित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए गुजरात के नर्मदा जिले के एकता नगर में ‘चिंतन शिविर 2026’ का आयोजन किया जा रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के टेंट सिटी-2 में दो दिवसीय चिंतन शिविर का उद्घाटन किया। ‘गतिशक्ति से प्रगति’ के आदर्श वाक्य के साथ आयोजित इस शिविर में केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय, परियोजना क्रियान्वयन और सड़क अवसंरचना से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो रही है।

कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के परिवहन एवं लोक निर्माण विभागों के मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, कार्यान्वयन एजेंसियां और अन्य हितधारक शामिल हुए। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने भी उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। उद्घाटन सत्र में नितिन गडकरी ने कहा कि चिंतन शिविर केंद्र और राज्य सरकारों के लिए राजमार्ग अवसंरचना से जुड़े मुद्दों पर साथ बैठकर विचार करने और जमीनी अनुभव साझा करने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों में अपनाई जा रही सफल कार्यप्रणालियों का मूल्यांकन किया जाना चाहिए और जहां संभव हो, उन्हें अन्य राज्यों में भी लागू किया जाना चाहिए। इससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन और देशभर में बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

गडकरी ने राजमार्ग विकास में गुणवत्ता, सुरक्षा, गति और विश्वस्तरीय मानकों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में देरी और लागत बढ़ने जैसी समस्याओं को कम करने के लिए डीपीआर तैयार करने के चरण से ही बेहतर योजना और तैयारी जरूरी है। इसमें उचित सर्वेक्षण, सही संरेखण, भूमि अधिग्रहण, उपयोगिता स्थानांतरण और समय पर वैधानिक मंजूरियां शामिल हैं।

उन्होंने सड़क सुरक्षा को भी राजमार्ग योजना का अभिन्न हिस्सा बनाने की जरूरत बताई। गडकरी के अनुसार, दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान और निर्माण से पहले तथा निर्माण के दौरान उचित सुरक्षा उपायों को शामिल करने से सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में मदद मिल सकती है।

केंद्रीय मंत्री ने राजमार्गों को देश की आर्थिक प्रगति से जोड़ते हुए कहा कि आधुनिक सड़क नेटवर्क के जरिए शहरों, कस्बों, बंदरगाहों, बाजारों और औद्योगिक केंद्रों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित होना चाहिए। मजबूत कनेक्टिविटी से व्यापार, निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। उन्होंने केंद्र, राज्यों और कार्यान्वयन एजेंसियों से विकास और बढ़ती परिवहन जरूरतों के अनुरूप समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया।

दो दिवसीय चिंतन शिविर में प्रधानमंत्री गतिशक्ति और एकीकृत अवसंरचना नियोजन, भूमि अधिग्रहण, आदर्श रियायत समझौते और रेटिंग, सुरक्षित एवं हरित राजमार्ग, सड़क सुरक्षा, टोल सुधार तथा गुणवत्ता आश्वासन और परियोजना निगरानी जैसे विषयों पर अलग-अलग सत्र आयोजित किए जाएंगे।

गडकरी ने निर्माण और रखरखाव की लागत कम करने के लिए नई तकनीकों, नवीन निर्माण पद्धतियों और किफायती सामग्रियों के इस्तेमाल पर भी जोर दिया। उन्होंने राज्यों और कार्यान्वयन एजेंसियों से जमीनी स्तर के नवाचार और सफल समाधान साझा करने की अपील की।

इस चिंतन शिविर में पर्यावरणीय स्थिरता और वन्यजीव संरक्षण को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया। गडकरी ने पर्यावरण अनुकूल निर्माण पद्धतियों और नवीन एवं पुनर्चक्रित सामग्रियों के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही। उद्घाटन सत्र में पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण उपायों से संबंधित एक दस्तावेज भी जारी किया गया। इसके अलावा सतत परिवहन दृष्टिकोण पर एक BRICS संकलन भी जारी किया गया।

राजमार्ग यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए तकनीक आधारित पहलों का उल्लेख करते हुए गडकरी ने FASTag Annual Pass और Multi-Lane Free Flow (MLFF) जैसी व्यवस्थाओं का जिक्र किया। इन पहलों का उद्देश्य टोल प्रणाली को आधुनिक बनाना और यातायात प्रवाह को बेहतर करना है।

कुल मिलाकर, चिंतन शिविर 2026 का उद्देश्य केंद्र-राज्य संवाद को मजबूत करने, सफल प्रयोगों को साझा करने और राजमार्ग परियोजनाओं की योजना एवं निगरानी में सुधार लाने पर केंद्रित है। सरकार का जोर ऐसे सुरक्षित, उच्च गुणवत्ता वाले, पर्यावरण अनुकूल और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप राजमार्ग नेटवर्क तैयार करने पर है, जो देश की आर्थिक गति और मजबूत सड़क संपर्क को और आगे बढ़ा सके।