फार्मा-मेडटेक में भारत की बड़ी छलांग, 2025 में निवेश और नवाचार रिकॉर्ड स्तर पर

Wed 07-Jan-2026,01:34 AM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

फार्मा-मेडटेक में भारत की बड़ी छलांग, 2025 में निवेश और नवाचार रिकॉर्ड स्तर पर फार्मा-मेडटेक-में-भारत-की-बड़ी-छलांग
  • वर्ष 2025 में औषधि विभाग की योजनाओं से जन औषधि, PLI और मेडटेक के जरिए भारत का फार्मा सेक्टर वैश्विक स्तर पर मजबूत हुआ।

  • PLI योजनाओं के जरिए फार्मा और मेडटेक क्षेत्र में निवेश, रोजगार और निर्यात में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज हुई।

  • इंडिया मेडटेक एक्सपो 2025 ने भारत को वैश्विक मेडटेक नवाचार और निवेश के केंद्र के रूप में स्थापित किया।

Delhi / New Delhi :

नई दिल्ली/ रसायन और उर्वरक मंत्रालय के अधीन औषधि विभाग ने फार्मा और मेडटेक सेक्टर में व्यापक नीतिगत पहलों और उपलब्धियों को लागू किया, जिनमें सस्ती दवाओं की उपलब्धता, घरेलू विनिर्माण, अनुसंधान, नवाचार और निर्यात को नई मजबूती मिली। इन पहलों का उद्देश्य भारत को वैश्विक फार्मास्युटिकल एवं मेडटेक हब के रूप में स्थापित करना है। योजनाओं के तहत जन औषधि परियोजना, PLI और PRIP जैसी महत्वाकांक्षी योजनाएं चलाई गईं, जिनसे देशभर में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और औद्योगिक विकास हुआ। इन प्रयासों ने न केवल उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाया बल्कि फार्मा-आधारित रोजगार, निवेश और निर्यात को भी प्रोत्साहन दिया।

प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (PMBJP) वर्ष 2025 में देश की सबसे प्रभावशाली जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं में से एक बनकर उभरी। फार्मास्युटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइसेस ब्यूरो ऑफ इंडिया (PMBI) के माध्यम से लागू इस योजना के अंतर्गत अब तक 17,610 जन औषधि केंद्र खोले जा चुके हैं, जिनमें से 2,202 केंद्र अकेले 2025 में स्थापित किए गए।

जन औषधि केंद्रों पर 29 चिकित्सीय समूहों से संबंधित 2,110 दवाएं, 315 मेडिकल डिवाइस और उपभोग्य वस्तुएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मधुमेह, हृदय रोग, कैंसर, संक्रमण और पाचन संबंधी बीमारियों की दवाएं कम कीमत पर मिलने से आम नागरिकों की स्वास्थ्य लागत में भारी कमी आई है।

विशेष रूप से जन औषधि सुविधा सैनिटरी नैपकिन, जो मात्र 1 रुपये प्रति पैड की दर से उपलब्ध है, महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हुआ। अब तक 96.30 करोड़ से अधिक सैनिटरी पैड बेचे जा चुके हैं, जिनमें से 17.90 करोड़ पैड वर्ष 2025 में ही वितरित किए गए।

बिक्री और बचत के आंकड़ों ने रचा रिकॉर्ड

वित्त वर्ष 2024-25 में PMBI ने 2,022.47 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज की, जिससे नागरिकों को लगभग 8,000 करोड़ रुपये की बचत हुई। वहीं चालू वित्त वर्ष 2025-26 में 30 नवंबर 2025 तक 1,409.32 करोड़ रुपये की बिक्री हुई, जिससे करीब 5,637 करोड़ रुपये की बचत संभव हुई। ये आंकड़े बताते हैं कि जन औषधि योजना न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा बल्कि आर्थिक सशक्तिकरण का भी मजबूत माध्यम बन चुकी है।

डिजिटल सुधार और नई पहलें

वर्ष 2025 में जन औषधि परियोजना के तहत ऑनलाइन आवेदन पोर्टल को पूरी तरह नया रूप दिया गया। नया वेब और मोबाइल आधारित GUI फॉर्म भरने की प्रक्रिया को सरल बनाता है, दस्तावेज़ अपलोड, जियो-टैगिंग और लाइव ट्रैकिंग की सुविधा प्रदान करता है।

इसके साथ ही जन औषधि केंद्र के आवेदक जन समर्थ पोर्टल के माध्यम से प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 20 लाख रुपये तक का ऋण प्राप्त कर सकते हैं। आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए गोदामों में डीडब्ल्यूएस प्रणाली लागू की गई, जिससे माल की आवक तेज हुई और भंडारण क्षमता में सुधार हुआ।

थोक दवाओं में आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रगति

देश की आयात निर्भरता को कम करने के उद्देश्य से थोक दवाओं के लिए लागू PLI योजना ने उल्लेखनीय परिणाम दिए। इस योजना के तहत 26 API/KSM के निर्माण के लिए 35 परियोजनाएं शुरू की गईं। सितंबर 2025 तक 4,763.34 करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है, जो तय लक्ष्य से अधिक है। इस अवधि में 2,315.44 करोड़ रुपये की बिक्री, जिसमें 508.12 करोड़ रुपये का निर्यात शामिल है, दर्ज की गई। इससे लगभग 1,807 करोड़ रुपये के आयात की बचत हुई और 4,929 लोगों को रोजगार मिला।

फार्मास्युटिकल PLI योजना से उत्पादन और निर्यात में उछाल

फार्मास्युटिकल्स के लिए PLI योजना के तहत सितंबर 2025 तक 40,294 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जबकि लक्ष्य मात्र 17,275 करोड़ रुपये था। इस योजना से अब तक 3.08 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री हुई, जिसमें 1.98 लाख करोड़ रुपये का निर्यात शामिल है। करीब 97,000 लोगों को रोजगार मिला और 726 API/KSM/DI का उत्पादन किया गया, जिनमें से 191 उत्पाद पहली बार भारत में निर्मित हुए। यह उपलब्धि भारत की विनिर्माण क्षमता को वैश्विक स्तर पर स्थापित करती है।

इंडिया मेडटेक एक्सपो 2025: भारत की वैश्विक पहचान

इंडिया मेडटेक एक्सपो 2025, 4 से 6 सितंबर तक नई दिल्ली में आयोजित हुआ। इसका उद्देश्य भारत को वैश्विक मेडटेक नवाचार केंद्र के रूप में प्रस्तुत करना था। इस आयोजन में 12,106 आगंतुक, 2,980 B2B बैठकें, और 65 से अधिक कंपनियों व स्टार्टअप्स की भागीदारी रही। स्टार्टअप, R&D, MSME और अस्पतालों की सहभागिता ने इस एक्सपो को निवेश और तकनीकी सहयोग का प्रभावी मंच बना दिया।

NIPER: शिक्षा और अनुसंधान में भारत की ताकत

राष्ट्रीय औषध शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (NIPER) देश के शीर्ष फार्मेसी संस्थानों में अपनी स्थिति बनाए हुए हैं। NIRF 2025 में सभी सात NIPER शीर्ष 30 में शामिल रहे। अब तक 10,974 छात्र स्नातक हो चुके हैं। 40 संकाय सदस्य स्टैनफोर्ड की शीर्ष 2% वैज्ञानिक सूची में शामिल हैं। 2025 में कई परिसरों में 89% से अधिक प्लेसमेंट दर दर्ज की गई।

PRIP योजना से अनुसंधान और नवाचार को बल

फार्मा-मेडटेक क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने वाली PRIP योजना के तहत 111 अनुसंधान परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। 46 शोध पत्र प्रकाशित हुए और 6 पेटेंट दाखिल किए गए। उद्योग, MSME और स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता देने की प्रक्रिया जारी है।

वर्ष 2025 में औषधि विभाग की पहलें भारत को सस्ती दवाओं, मजबूत विनिर्माण, वैश्विक निर्यात और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले गईं। जन औषधि से लेकर मेडटेक एक्सपो और PLI योजनाओं तक, इन प्रयासों ने भारत को वैश्विक फार्मा-मेडटेक हब बनने की दिशा में निर्णायक बढ़त दिलाई है।