रात के सन्नाटे में जोरदार धमाका: ढेंकनाल की खदान में क्या छुपा है सच, कितने मजदूर अब भी फंसे?

Sun 04-Jan-2026,02:26 PM IST +05:30

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रात के सन्नाटे में जोरदार धमाका: ढेंकनाल की खदान में क्या छुपा है सच, कितने मजदूर अब भी फंसे? Dhenkanal-Mining-Blast_-Labor-Trapped
  • ढेंकनाल की खदान में देर रात धमाका, मजदूर फंसे.

  • दो शव बरामद, राहत और बचाव कार्य जारी.

  • अवैध खनन और सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर सवाल.

Odisha / Dhenkanal :

Dhenkanal / ओडिशा के ढेंकनाल जिले में शनिवार देर रात एक पत्थर की खदान में हुए जोरदार धमाके ने पूरे इलाके को दहला दिया। यह हादसा मोटांगा पुलिस स्टेशन क्षेत्र के गोपालपुर गांव के पास स्थित एक अवैध पत्थर खदान में हुआ, जहां ब्लास्टिंग के दौरान खदान का एक बड़ा हिस्सा ढह गया। इस घटना में अब तक दो मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य मजदूरों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। हादसे के बाद से ही इलाके में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं और पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर सुरक्षित कर लिया गया। ओडापाड़ा तहसीलदार, मोटांगा थाना प्रभारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी पूरी रात मौके पर मौजूद रहे और राहत व बचाव कार्य की निगरानी करते रहे। आम लोगों की सुरक्षा को देखते हुए प्रभावित क्षेत्र के आसपास आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, धमाके के बाद खदान के अंदर मिट्टी और पत्थरों का बड़ा हिस्सा धंस गया, जिससे मजदूर अंदर फंस गए। राहत दलों के लिए यह रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है, क्योंकि खदान में भारी और बड़े-बड़े पत्थर गिरे हुए हैं, जिन्हें हाथ से हटाना मुश्किल हो रहा है। फायर ऑफिसर ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही सात रेस्क्यू टीमें मौके पर भेजी गईं। मलबे से एक शरीर का हिस्सा भी बरामद किया गया है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका और गहरा गई है।

इस हादसे ने इलाके में अवैध खनन गतिविधियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ढेंकनाल जिला खनन कार्यालय ने पहले ही 8 सितंबर 2025 को खदान संचालक को ब्लास्टिंग की अनुमति न होने के कारण काम बंद करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद नियमों की अनदेखी करते हुए साइट पर ब्लास्टिंग जारी रखी गई। अधिकारियों का कहना है कि देर रात हुए इस धमाके के कारण मजदूरों की सही संख्या और उनकी स्थिति का पता लगाने में कठिनाई आ रही है।

स्थानीय लोग भी इस घटना को लेकर आक्रोशित हैं और पट्टा खत्म होने के बाद भी खनन जारी रहने पर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि खदान का पट्टा समाप्त होने को लेकर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान फंसे हुए मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने पर है। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है और अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होने के बाद ही मौतों और जिम्मेदारों को लेकर आधिकारिक बयान दिया जाएगा। इस हादसे ने एक बार फिर अवैध खनन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गंभीर सच्चाई को उजागर कर दिया है।