लखीमपुर नगर पालिका की तानाशाही: वेतन मांगने पर दिव्यांग ठेका कर्मचारी को नौकरी से निकाला
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Lakhimpur News
वेतन मांगने पर दिव्यांग ठेका कर्मचारी को नौकरी से निकाला गया.
तीन माह से वेतन बकाया, परिवार पर संकट.
नगर पालिका प्रशासन की गंभीर लापरवाही उजागर.
Lakhimpur / लखीमपुर नगर पालिका में प्रशासनिक तानाशाही का एक बेहद संवेदनशील और चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां वेतन की मांग करना एक दिव्यांग ठेका कर्मचारी को इतना भारी पड़ गया कि उसे नौकरी से ही बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। पीड़ित कर्मचारी प्रवीण कुमार शुक्ला पिछले तीन महीनों से बिना वेतन काम कर रहा था। आर्थिक तंगी से जूझते हुए जब उसने अपना बकाया वेतन मांगा, तो नगर पालिका प्रशासन ने उसकी जायज़ मांग सुनने के बजाय उसे सेवा से हटा दिया।
प्रवीण कुमार शुक्ला दिव्यांग हैं और उनका पूरा परिवार उसी सीमित आय पर निर्भर था। नौकरी जाने के बाद परिवार के सामने भुखमरी जैसी स्थिति पैदा हो गई है। इलाज, रोज़मर्रा की जरूरतें और बच्चों की जिम्मेदारियाँ अब उनके लिए असहनीय बोझ बनती जा रही हैं। यह घटना न सिर्फ मानवीय संवेदनाओं पर सवाल खड़े करती है, बल्कि नगर पालिका प्रशासन की कार्यशैली और जवाबदेही को भी कठघरे में खड़ा करती है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि एक दिव्यांग कर्मचारी के साथ इस तरह का व्यवहार सरकारी व्यवस्थाओं के दावों और जमीनी हकीकत के बीच गहरे अंतर को उजागर करता है। यह मामला अब प्रशासनिक संवेदनहीनता और गंभीर लापरवाही का प्रतीक बनता जा रहा है।