धार भोजशाला विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने बसंत पंचमी पूजा-नमाज समय तय किया

Thu 22-Jan-2026,01:51 PM IST +05:30

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धार भोजशाला विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने बसंत पंचमी पूजा-नमाज समय तय किया Dhar-Bhojshala-Basanta-Panchami-Supreme-Court-Order
  • सुप्रीम कोर्ट ने धार भोजशाला में बसंत पंचमी के दिन पूजा और नमाज के लिए समय सारिणी तय की, दोनों पक्षों को सीमित अनुमति।

  • हिंदू पक्ष को दोपहर 12 बजे तक और शाम 4 बजे से पूजा, मुस्लिम पक्ष को नमाज अदा करने का समय निर्धारित किया गया।

Madhya Pradesh / Dhar :

Madhya Pradesh/ धार के भोजशाला परिसर में बसंत पंचमी के मौके पर वाग्देवी पूजा और नमाज को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद आज सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद खत्म हुआ। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दोनों धार्मिक समुदाय अपनी पूजा और नमाज निश्चित समय में ही अदा करें।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, हिंदू पक्ष को दोपहर 12 बजे तक पूजा-अर्चना करने की अनुमति है। इसके तुरंत बाद मुस्लिम पक्ष को नमाज अदा करने की समय सीमा निर्धारित की गई। शाम 4 बजे से हिंदू पक्ष को दोबारा पूजा करने की अनुमति दी गई है। अदालत ने आदेश में कहा कि दोनों पक्षों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया जाए और किसी प्रकार की हिंसा या विवाद की स्थिति न बने।

हिंदू पक्ष ने 20 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में पूरे दिन अखंड सरस्वती पूजा करने की अनुमति मांगी गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने 22 जनवरी को ही अपनी अंतरिम राय जाहिर की और आज अंतिम आदेश सुना दिया।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। भोजशाला और आसपास के क्षेत्रों में लगभग 8,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए। प्रशासन ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई जोखिम नहीं लिया जाएगा और दोनों पक्षों की गतिविधियों के दौरान शांति सुनिश्चित की जाएगी।

भोजशाला विवाद को लेकर प्रशासन ने परिसर के अंदर और बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस भी उपलब्ध रखी गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला दोनों पक्षों के लिए संतुलित और न्यायसंगत है।

विशेषज्ञों के अनुसार इस आदेश से धार्मिक स्थलों पर समय-सीमा आधारित व्यवस्थाओं का एक नया उदाहरण स्थापित हुआ है, जिससे भविष्य में समान विवादों को शांति पूर्ण तरीके से सुलझाया जा सकेगा।