Karnataka SIR BIG Update | कर्नाटक SIR के बाद बड़ा बदलाव! मतदाता सूची से 99.32 लाख नाम कम

Tue 27-Oct-2026,05:21 PM IST +05:30

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Karnataka SIR BIG Update | कर्नाटक SIR के बाद बड़ा बदलाव! मतदाता सूची से 99.32 लाख नाम कम Karnataka Voter List 2026
  • कर्नाटक में 4,55,00,011 मतदाता दर्ज किए गए हैं।

  • SIR से पहले की तुलना में करीब 99.32 लाख नाम कम हुए हैं।

  • मतदाता आधिकारिक पोर्टल पर EPIC नंबर से अपना नाम खोज सकते हैं।

Karnataka / Bengaluru :

Bengaluru / कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के बाद एक बड़ा आंकड़ा सामने आया है। अंतिम सूची में करीब 99.32 लाख नाम कम हो गए हैं। आखिर कितने मतदाता सूची में शामिल हुए और किन वजहों से नाम हटाए गए?

कर्नाटक में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। इस सूची में कुल 4 करोड़ 55 लाख 11 मतदाता दर्ज हैं। जबकि SIR से पहले राज्य में 5 करोड़ 54 लाख 32 हजार 314 मतदाता पंजीकृत थे। इस तरह शुरुआती आंकड़ों की तुलना में अंतिम सूची में करीब 99 लाख 32 हजार नाम कम हो गए हैं।

हालांकि, मसौदा मतदाता सूची के मुकाबले अंतिम सूची में 8 लाख 64 हजार मतदाताओं की बढ़ोतरी हुई है। मसौदा सूची में एक करोड़ सात लाख से अधिक नाम शामिल नहीं किए गए थे। अंतिम सूची जारी होने के बाद मतदाताओं की संख्या और नामों में हुए बदलाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

अंतिम सूची में कितने पुरुष और महिलाएं?
अंतिम मतदाता सूची के अनुसार, राज्य में 2 करोड़ 25 लाख से अधिक पुरुष मतदाता और 2 करोड़ 29 लाख महिलाएं दर्ज हैं। इसके अलावा, 2,841 थर्ड जेंडर मतदाता भी सूची में शामिल हैं।

आयु वर्ग के हिसाब से देखें तो 18 से 19 साल की उम्र के 6 लाख 83 हजार से अधिक मतदाता हैं। वहीं, 85 साल से ज्यादा उम्र के मतदाताओं की संख्या 3 लाख 92 हजार से अधिक बताई गई है। ये आंकड़े राज्य में युवा और वरिष्ठ मतदाताओं की भागीदारी को भी दर्शाते हैं।

किन कारणों से हटाए गए नाम?
दी गई जानकारी के मुताबिक, मसौदा सूची से 80.62 लाख ऐसे नाम हटाए गए थे, जिनके बारे में बताया गया कि संबंधित मतदाता दूसरी जगह चले गए थे या उनका सत्यापन नहीं हो पाया था। इसके अलावा, 16.39 लाख मृत मतदाताओं के नाम, सात लाख से अधिक दोहराए गए नाम और 3.83 लाख अन्य श्रेणी के नाम हटाए गए थे।

जिन मतदाताओं के नाम स्थान बदलने या पता नहीं चल पाने के कारण हटाए गए थे, उन्हें दोबारा नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरना था। चुनाव अधिकारियों को नए मतदाताओं सहित कुल 7,87,534 आवेदन मिले। मसौदा और अंतिम सूची के बीच मतदाताओं की संख्या में बढ़ोतरी इसी प्रक्रिया के दौरान सामने आई।

मतदाता कैसे जांचें अपना नाम?
कर्नाटक के मतदाता मुख्य निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट पर विधानसभा क्षेत्र के अनुसार अंतिम मतदाता सूची देख सकते हैं। इसके अलावा, निर्वाचन आयोग के मतदाता खोज पोर्टल पर भी अपना नाम जांचा जा सकता है।

इसके लिए ‘Search by EPIC’ विकल्प चुनकर वोटर आईडी नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद राज्य के रूप में कर्नाटक चुनें, कैप्चा भरें और सर्च करें। अगर स्क्रीन पर ‘No Result Found’ दिखाई देता है, तो तुरंत यह न मानें कि नाम काट दिया गया है। पहले आधिकारिक मतदाता सूची में अपना विवरण जांचें या संबंधित चुनाव अधिकारियों से संपर्क करें।

127 मतदाता गैर-भारतीय नागरिक के रूप में चिह्नित
इस मामले में एक और अहम जानकारी सामने आई है। राजनीतिक अनुसंधान संस्था ‘संकल्प’ के आंकड़ों के अनुसार, कर्नाटक के 52 विधानसभा क्षेत्रों में 127 मतदाताओं को गैर-भारतीय नागरिक के रूप में चिह्नित किया गया है।

बताई गई जानकारी के मुताबिक, हेब्बल विधानसभा क्षेत्र में ऐसे सबसे ज्यादा 13 मतदाता चिह्नित किए गए। पद्मनाभनगर में 10, शिवाजीनगर में आठ और महादेवपुरा में सात मामले सामने आए। चित्तापुर, ब्याटरायनपुरा और राजराजेश्वरीनगर में पांच-पांच, जबकि होन्नाली में चार मतदाता इस श्रेणी में रखे गए। बीजापुर सिटी, सेडम, तीर्थहल्ली, सिरा, चिकपेट, अनेकल, मलावल्ली और मेलुकोट में तीन-तीन मामले दर्ज किए गए। अन्य कई क्षेत्रों में एक या दो मतदाताओं को चिह्नित किया गया है।

इस बीच, मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए दिए जा रहे आवेदनों की पारदर्शिता और प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि किसी मतदाता को गैर-भारतीय नागरिक के रूप में चिह्नित किया जाना अपने आप में अंतिम कानूनी निष्कर्ष नहीं है। ऐसे मामलों की स्थिति समझने के लिए संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी।

अब मतदाताओं के लिए जरूरी है कि वे अंतिम सूची में अपना नाम और विवरण जांच लें, ताकि मतदान के समय किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।