भारत-लिकटेंस्टाइन संबंध मजबूत, PM मोदी और राजकुमार एलोइस की अहम बैठक

Tue 27-Oct-2026,11:57 AM IST +05:30

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भारत-लिकटेंस्टाइन संबंध मजबूत, PM मोदी और राजकुमार एलोइस की अहम बैठक Liechtenstein Prince India Visit
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राजकुमार एलोइस व्यापार तथा निवेश पर चर्चा करेंगे।

  • भारत-EFTA व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते से सहयोग बढ़ाने पर जोर रहेगा।

  • विज्ञान, तकनीक, नवाचार और आपसी संपर्क को मजबूत करने के अवसर तलाशे जाएंगे।

Delhi / New Delhi :

New Delhi / भारत और यूरोप के एक छोटे लेकिन आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण देश के बीच रिश्तों में नई मजबूती आने वाली है। व्यापार, निवेश और तकनीक से लेकर वैश्विक मुद्दों तक, आखिर किन क्षेत्रों में दोनों देश सहयोग बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं?

भारत और लिकटेंस्टाइन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक मुलाकात होने जा रही है। लिकटेंस्टाइन के कार्यवाहक राष्ट्राध्यक्ष और वंशानुगत राजकुमार एलोइस नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इस बैठक में व्यापार, निवेश, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी।

इस दौरान दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी अपने विचार साझा करेंगे। इस यात्रा को भारत और लिकटेंस्टाइन के बीच बढ़ते सहयोग के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

राजकुमार एलोइस का आज सुबह राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में औपचारिक स्वागत किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर राजकुमार एलोइस ने कहा कि उनकी भारत यात्रा इस बात का प्रमाण है कि लिकटेंस्टाइन भारत के साथ अपने संबंधों को कितना महत्व देता है।

उन्होंने भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ यानी EFTA के बीच हुए व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते, जिसे TEPA कहा जाता है, को द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उनके मुताबिक, यह समझौता एक साल पहले लागू हुआ था और अब लिकटेंस्टाइन इस सकारात्मक गति को आगे बढ़ाते हुए भारत के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करना चाहता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण के लिए आभार भी व्यक्त किया।

राजकुमार एलोइस आज शाम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति उनके सम्मान में आधिकारिक भोज का आयोजन भी करेंगी। इसके अलावा, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर भी उनसे मुलाकात करेंगे।

राजकुमार एलोइस सोमवार को वडोदरा से नई दिल्ली पहुंचे थे। हवाई अड्डे पर केंद्रीय मंत्री जयंत सिंह ने उनका स्वागत किया। इस यात्रा में उनके साथ उनकी पत्नी वंशानुगत राजकुमारी सोफी, वरिष्ठ अधिकारी और प्रमुख उद्योगपतियों का एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी शामिल है।

गौरतलब है कि वर्ष 2026 में राजकुमार एलोइस की यह भारत की दूसरी यात्रा है। इससे पहले वह फरवरी में नई दिल्ली में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट में शामिल होने आए थे। इससे पहले भी वह 2010 और 2018 में भारत का दौरा कर चुके हैं।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत-EFTA व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते के लागू होने के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है। इस यात्रा से व्यापारिक साझेदारी को विस्तार देने और आपसी हित के नए क्षेत्रों में सहयोग विकसित करने के अवसर मिल सकते हैं।

अब देखना होगा कि इस उच्चस्तरीय बैठक के बाद भारत और लिकटेंस्टाइन के आर्थिक और तकनीकी संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए कौन-सी नई पहल सामने आती हैं।