Gen Z में क्यों तेजी से लोकप्रिय हो रहा भजन क्लबिंग, जानिए नया ट्रेंड

Fri 02-Jan-2026,03:29 PM IST +05:30

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Gen Z में क्यों तेजी से लोकप्रिय हो रहा भजन क्लबिंग, जानिए नया ट्रेंड Why-Bhajan-Clubbing-Is-Becoming-the-New-Party-Trend-Among-Gen-Z
  • Gen Z और Zen Zee युवाओं में भजन क्लबिंग तेजी से लोकप्रिय, जहां आध्यात्मिक संगीत को मॉडर्न क्लबिंग अनुभव के साथ जोड़ा जा रहा है।

  • मानसिक शांति, तनाव से राहत और नशा-मुक्त माहौल भजन क्लबिंग को पारंपरिक नाइट क्लब्स से अलग और सुरक्षित विकल्प बना रहा है।

  • सोशल मीडिया पर वायरल रील्स और लाइव सेशन ने भजन क्लबिंग को युवाओं का नया ट्रेंडी और सकारात्मक मनोरंजन बना दिया है।


     

Delhi / New Delhi :

Delhi / देश के बड़े शहरों से लेकर टियर-2 कस्बों तक युवाओं के मनोरंजन के तरीके में एक नया बदलाव देखने को मिल रहा है। देर रात तक चलने वाली पारंपरिक क्लबिंग, तेज म्यूज़िक और शराब के माहौल की जगह अब “भजन क्लबिंग” तेजी से लोकप्रिय हो रही है। यह ट्रेंड खासतौर पर Gen Z और Zen Zee यानी आज की नई पीढ़ी के युवाओं के बीच चर्चा में है, जहां डीजे बीट्स की जगह भजन, कीर्तन और आध्यात्मिक संगीत क्लब जैसे माहौल में पेश किया जा रहा है।

भजन क्लबिंग का स्वरूप पारंपरिक भजन संध्या से अलग है। यहां लाइटिंग, साउंड सिस्टम और प्रेजेंटेशन पूरी तरह मॉडर्न होती है, लेकिन कंटेंट आध्यात्मिक रहता है। युवा वर्ग इसे केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि “मेंटल पीस क्लब” के रूप में देख रहा है। तनाव, अकेलापन और डिजिटल थकान से जूझ रही पीढ़ी को इसमें सुकून और सामूहिक जुड़ाव महसूस हो रहा है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि महामारी के बाद युवाओं की प्राथमिकताएं बदली हैं। मानसिक स्वास्थ्य, आत्मिक शांति और अर्थपूर्ण अनुभव अब सिर्फ मौज-मस्ती से ज्यादा अहम हो गए हैं। सोशल मीडिया पर भजन क्लबिंग के वीडियो, रील्स और लाइव सेशन तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे यह ट्रेंड और मजबूत हो रहा है। युवाओं के लिए यह “ट्रेंडी भी और सुरक्षित भी” विकल्प बनता जा रहा है।

इस ट्रेंड की लोकप्रियता की एक वजह यह भी है कि इसमें किसी तरह का नशा, आक्रामक माहौल या सामाजिक दबाव नहीं होता। लड़के-लड़कियां समान रूप से सहज महसूस करते हैं और परिवार भी इसे सकारात्मक नजरिए से देख रहा है। कई आयोजक इसे संस्कृति और आधुनिकता के संतुलन के रूप में पेश कर रहे हैं।

हालांकि कुछ लोग इसे केवल अस्थायी ट्रेंड मानते हैं, लेकिन जिस तरह युवा इसे अपनी जीवनशैली से जोड़ रहे हैं, उससे साफ है कि भजन क्लबिंग सिर्फ फैशन नहीं, बल्कि बदलती सोच का संकेत है। यह ट्रेंड बताता है कि आज का युवा मनोरंजन के साथ-साथ अर्थ, शांति और पहचान भी तलाश रहा है।