जेपी नड्डा ने IP 2026 का विमोचन किया, दवा मानकों में 121 नए मोनोग्राफ शामिल

Fri 02-Jan-2026,05:26 PM IST +05:30

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जेपी नड्डा ने IP 2026 का विमोचन किया, दवा मानकों में 121 नए मोनोग्राफ शामिल Indian-Pharmacopoeia-2026-Launch-Jp-Nadda
  • फार्माकोविजिलेंस में भारत की वैश्विक रैंकिंग 123 से 8 पर पहुंची, जिससे रोगी सुरक्षा और नियामक निगरानी मजबूत हुई।

  • वैश्विक दक्षिण के 19 देशों में मान्यता के साथ भारतीय फार्माकोपिया की अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता बढ़ी।

Delhi / New Delhi :

नई दिल्ली/ केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री जेपी नड्डा ने आज नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में भारतीय फार्माकोपिया 2026 (IP 2026) भारत की औषधि मानकों की आधिकारिक पुस्तक के 10वें संस्करण का विमोचन किया। यह संस्करण देश में दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावकारिता को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इस अवसर पर श्री नड्डा ने कहा कि भारतीय फार्माकोपिया देश के फार्मास्यूटिकल नियामक ढांचे की आधारशिला है और दवाओं के लिए आधिकारिक मानक निर्धारित करती है। उन्होंने बताया कि IP 2026 वैज्ञानिक प्रगति, वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं और फार्मास्यूटिकल विनियमन में भारत के बढ़ते नेतृत्व को प्रतिबिंबित करता है।

उन्होंने जानकारी दी कि IP 2026 में 121 नए मोनोग्राफ जोड़े गए हैं, जिससे कुल मोनोग्राफ की संख्या 3,340 हो गई है। तपेदिक रोधी, मधुमेह रोधी और कैंसर रोधी दवाओं के साथ-साथ आयरन सप्लीमेंट जैसी प्रमुख चिकित्सीय श्रेणियों में कवरेज को मजबूत किया गया है। इससे राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के अंतर्गत उपयोग होने वाली दवाओं का व्यापक मानकीकरण सुनिश्चित होगा।

श्री नड्डा ने फार्माकोविजिलेंस के क्षेत्र में भारत की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय फार्माकोपिया के मानकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है और यह अब वैश्विक दक्षिण के 19 देशों में स्वीकार्य है। उन्होंने बताया कि भारत का फार्माकोविजिलेंस प्रोग्राम (PvP) वर्ष 2009-14 में जहां WHO डेटाबेस में योगदान के मामले में 123वें स्थान पर था, वहीं 2025 में 8वें स्थान पर पहुंच गया है-जो रोगी सुरक्षा और नियामक निगरानी के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दर्शाता है।

औषधि और सौंदर्य प्रसाधन (द्वितीय संशोधन) नियम, 2020 के अनुरूप रक्त आधान चिकित्सा से संबंधित 20 रक्त घटक मोनोग्राफ को पहली बार IP 2026 में शामिल किया गया है-यह कदम आधुनिक चिकित्सा आवश्यकताओं के अनुरूप मानकीकरण को रेखांकित करता है।

स्वास्थ्य सचिव श्रीमती पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने कहा कि IP 2026 का प्रकाशन सुरक्षित, प्रभावी और गुणवत्ता-सुनिश्चित दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विज्ञान-आधारित नियामक ढांचे को मजबूती देता है। कार्यक्रम में DCGI डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी, संयुक्त सचिव श्री हर्ष मंगला, IPC के सचिव-सह-वैज्ञानिक निदेशक डॉ. वी. कलैसेल्वन सहित विशेषज्ञ उपस्थित रहे।