Ladakh’s ₹3,350 Crore Development Plan | लद्दाख को ₹3,350 करोड़ की सौगात! PM मोदी करेंगे 5 बड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन
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Ladakh’s ₹3,350 Crore Development Plan
लेह एयरपोर्ट के 640 करोड़ रुपये के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया जाएगा।
298 किलोमीटर लंबी निम्मू-पदुम-दारचा सड़क से संपर्क और रणनीतिक आवाजाही मजबूत होगी।
हिम सरोवर परियोजना के तहत 40 गांवों में जल निकायों का उद्घाटन होगा।
Ladakh / हिमालय की ऊंची चोटियों से लेकर दूरदराज के गांवों तक, लद्दाख की तस्वीर बदलने की तैयारी है! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक साथ पांच बड़ी परियोजनाओं की सौगात देने जा रहे हैं। आखिर इन योजनाओं से लद्दाख को क्या-क्या फायदा होगा?
लद्दाख के विकास को नई रफ्तार देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अक्टूबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लगभग 3,350 करोड़ रुपये की पांच प्रमुख विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री लोगों को संबोधित भी करेंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र में हवाई और सड़क संपर्क मजबूत करना, बिजली आपूर्ति में सुधार करना, सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना और जल सुरक्षा बढ़ाना है।
पहली सौगात: लेह एयरपोर्ट का आधुनिक टर्मिनल
प्रधानमंत्री लेह स्थित कुशोक बकुला रिम्पोची हवाई अड्डे पर 640 करोड़ रुपये की लागत से बने नए यात्री टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे। लगभग 23,800 वर्ग मीटर में फैले इस टर्मिनल को हर साल 35 लाख यात्रियों की सुविधा के लिए डिजाइन किया गया है।
इसकी खास बात यह है कि ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए भूतापीय ऊर्जा का उपयोग किया गया है। आधुनिक सुविधाओं के साथ लद्दाख की सांस्कृतिक पहचान को भी इसमें जगह दी गई है। इससे यात्रियों की सुविधा और हवाई संपर्क को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
दूसरी सौगात: 298 किलोमीटर लंबी रणनीतिक सड़क
प्रधानमंत्री सीमा सड़क संगठन यानी बीआरओ द्वारा निर्मित 298 किलोमीटर लंबी निम्मू-पदुम-दारचा सड़क राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह सड़क लेह के निम्मू को हिमाचल प्रदेश के दारचा से ज़ांस्कर घाटी के रास्ते जोड़ेगी।
शिनकुन ला दर्रे सहित कठिन हिमालयी क्षेत्र से गुजरने वाला यह मार्ग लद्दाख के लिए एक वैकल्पिक संपर्क सुविधा प्रदान करेगा। इससे सेना की आवाजाही और रसद व्यवस्था को मजबूती मिल सकती है। साथ ही स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, बाजारों और अन्य जरूरी सुविधाओं तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
तीसरी सौगात: ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती
ऊर्जा क्षेत्र में प्रधानमंत्री 9 मेगावाट की हनु लघु जलविद्युत परियोजना और 66 किलोवोल्ट की डबल-सर्किट दाह-हनु-खालत्सी ट्रांसमिशन लाइन का उद्घाटन करेंगे।
इन परियोजनाओं से बिजली आपूर्ति के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और विद्युत नेटवर्क की विश्वसनीयता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही, लद्दाख के जलविद्युत संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल की दिशा में भी यह महत्वपूर्ण कदम होगा।
चौथी सौगात: भारत का पहला शैलचित्र संरक्षण पार्क
लद्दाख की ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखने के लिए प्रधानमंत्री लेह के सिंधु घाट में भारत के पहले शैलचित्र संरक्षण पार्क का उद्घाटन करेंगे। यहां प्राचीन शैलचित्रों को संरक्षित किया जाएगा, जिनमें मानव आकृतियों, वन्यजीवों और प्रतीकों के चित्रण शामिल हैं।
ये शैलचित्र हजारों वर्षों के मानव इतिहास और सभ्यतागत विकास की महत्वपूर्ण जानकारी देते हैं। संरक्षण पार्क से इनके प्रति जागरूकता बढ़ाने और जिम्मेदार विरासत पर्यटन को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
पांचवीं सौगात: 40 गांवों में जल संरक्षण
जल सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री हिम सरोवर परियोजना के तहत 40 गांवों में विकसित 40 जल निकायों का उद्घाटन करेंगे। इस परियोजना का उद्देश्य बर्फ पिघलने और हिमनदों से उपलब्ध पानी को संरक्षित करना है, ताकि जरूरत के समय इसका इस्तेमाल किया जा सके।
इससे विशेष रूप से बुवाई के मौसम में किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने, कृषि आजीविका बनाए रखने और लंबे समय तक जल सुरक्षा मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
कुल मिलाकर, लगभग 3,350 करोड़ रुपये की ये पांच परियोजनाएं लद्दाख में परिवहन, ऊर्जा, विरासत संरक्षण और जल प्रबंधन को नई दिशा देने की योजना का हिस्सा हैं। इनके प्रभाव का वास्तविक आकलन परियोजनाओं के संचालन और स्थानीय लोगों को मिलने वाले लाभ के बाद किया जा सकेगा।