VB-G RAM-G Act 2025: राज्यों में तैनात होंगे 100+ अधिकारी | ग्रामीण रोजगार मिशन की बड़ी तैयारी
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VB-G RAM-G Act 2025
वीबी-जी रैम-जी अधिनियम लागू करने के लिए 100+ क्षेत्रीय अधिकारी तैनात होंगे।
राज्यों और जिलों को कार्यान्वयन में तकनीकी व प्रशासनिक सहायता मिलेगी।
ग्रामीण रोजगार, आजीविका और डिजिटल शासन को मिलेगा बढ़ावा।
Delhi / ग्रामीण विकास मंत्रालय ने विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 यानी वीबी-जी रैम-जी के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। 1 जुलाई 2026 से अधिनियम लागू होने से पहले मंत्रालय देशभर में 100 से अधिक क्षेत्रीय अधिकारियों को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में तैनात करेगा। इन अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य राज्यों और जिला प्रशासन को नई व्यवस्था को लागू करने में सहयोग देना और जमीनी स्तर पर समन्वय को मजबूत बनाना होगा।
मंत्रालय के अनुसार, क्षेत्रीय अधिकारी कार्यान्वयन प्रक्रिया के दौरान सुविधादाता और संसाधन व्यक्ति की भूमिका निभाएंगे। वे राज्य सरकारों, जिला प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर कार्य करेंगे तथा परिचालन संबंधी चुनौतियों के समाधान, क्षमता निर्माण, ज्ञान साझाकरण और बेहतर कार्यप्रणालियों को अपनाने में सहायता प्रदान करेंगे।
इसी उद्देश्य से ग्रामीण विकास विभाग ने अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। प्रशिक्षण में अधिनियम की प्रमुख विशेषताओं, तकनीक आधारित शासन प्रणाली, संस्थागत व्यवस्थाओं और कार्यान्वयन ढांचे की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्रामीण विकास सचिव रोहित कंसल ने की, जबकि संयुक्त सचिव रोहिणी आर. भाजीभाकरे ने प्रशिक्षण सत्र का संचालन किया।
तैनाती के दौरान अधिकारी विभिन्न राज्यों और जिलों का दौरा करेंगे तथा स्थानीय प्रशासन के साथ संवाद स्थापित करेंगे। वे कार्यान्वयन की जरूरतों को समझने, सर्वोत्तम अनुभवों को साझा करने, प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सहयोग देने और व्यावहारिक समस्याओं के समाधान में मदद करेंगे। इससे विभिन्न हितधारकों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा और नई व्यवस्था को लागू करने में आसानी होगी।
वीबी-जी रैम-जी अधिनियम का उद्देश्य ग्रामीण रोजगार को केवल मजदूरी तक सीमित न रखकर आजीविका संवर्धन, जलवायु परिवर्तन से निपटने की क्षमता, ग्रामीण अवसंरचना विकास और तकनीक आधारित प्रशासन से जोड़ना है। यह अधिनियम विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं, जीआईएस आधारित योजना निर्माण और विभिन्न सरकारी योजनाओं के समन्वय के माध्यम से वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने का प्रयास करता है।
मंत्रालय ने कार्यान्वयन के लिए कई अन्य महत्वपूर्ण कदम भी उठाए हैं। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 95,692 करोड़ रुपये का अंतरिम आवंटन स्वीकृत किया गया है। साथ ही सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को डीबीटी-स्पर्श प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। लगभग 93 प्रतिशत सक्रिय श्रमिकों का ई-केवाईसी पूरा किया जा चुका है और फेस ऑथेंटिकेशन आधारित उपस्थिति प्रणाली भी लागू की जा रही है।
अब तक 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने इस अधिनियम के लिए बजटीय प्रावधान कर दिए हैं, जबकि छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अपनी योजनाओं को अधिसूचित भी कर दिया है। शेष राज्य भी अंतिम तैयारियों में जुटे हैं। मंत्रालय को उम्मीद है कि इन प्रयासों से वीबी-जी रैम-जी का देशभर में सुचारू और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।