Nagpur Defence Boost: राजनाथ सिंह ने 10,000 टन एल्युमीनियम प्रेस परियोजना की शुरुआत की

Fri 19-Jun-2026,09:39 PM IST +05:30

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Nagpur Defence Boost: राजनाथ सिंह ने 10,000 टन एल्युमीनियम प्रेस परियोजना की शुरुआत की Nagpur Defence Project
  • नागपुर में 10,000 टन क्षमता वाली एल्युमीनियम एक्सट्रूज़न प्रेस परियोजना की शुरुआत।

  • रक्षा, मिसाइल और एयरोस्पेस क्षेत्र को मिलेगा स्वदेशी उत्पादन का लाभ।

  • आत्मनिर्भर भारत और मेक-इन-इंडिया अभियान को मिलेगा बड़ा बढ़ावा।

Maharashtra / Nagpur :

Nagpur / रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि जो देश अपनी आवश्यकताओं को स्वयं पूरा करने की क्षमता रखता है, वही अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा सबसे अधिक आत्मविश्वास के साथ कर सकता है। उन्होंने यह बात महाराष्ट्र के नागपुर स्थित आयुध निर्माणी अंबाझरी में अत्याधुनिक 10,000 टन क्षमता वाली एल्युमीनियम एक्सट्रूज़न प्रेस मशीन के भूमि पूजन समारोह के दौरान कही। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद रहे।

रक्षा मंत्री ने कहा कि यह परियोजना केवल एक औद्योगिक निवेश नहीं, बल्कि भारत की उस सोच का प्रतीक है जिसमें महत्वपूर्ण सामग्रियों और तकनीकों के लिए विदेशी आयात पर निर्भर रहने के बजाय स्वदेशी उत्पादन को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों में किसी भी देश के लिए अपनी सुरक्षा आवश्यकताओं पर स्वयं नियंत्रण रखना बेहद महत्वपूर्ण हो गया है।

प्रस्तावित एल्युमीनियम एक्सट्रूज़न प्रेस देश की सबसे उन्नत औद्योगिक सुविधाओं में से एक होगी। इसके माध्यम से रक्षा प्रणालियों, लड़ाकू विमानों, मिसाइल कार्यक्रमों, एयरोस्पेस संरचनाओं, रेलवे और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों के लिए आवश्यक बड़े और जटिल एल्युमीनियम मिश्र धातु प्रोफाइल का निर्माण किया जाएगा। इससे महत्वपूर्ण सामग्रियों के आयात पर निर्भरता कम होगी और देश की घरेलू आपूर्ति श्रृंखला मजबूत बनेगी।

राजनाथ सिंह ने कहा कि आधुनिक युद्धक विमानों, मिसाइलों और अंतरिक्ष कार्यक्रमों के लिए हल्की लेकिन अत्यधिक मजबूत धातुओं की आवश्यकता होती है। ऐसी धातुओं का निर्माण विशेष तकनीकों के माध्यम से किया जाता है और उनकी गुणवत्ता ही किसी रक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता तय करती है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना भारत को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में विकसित और निर्मित रक्षा उपकरणों ने अभियान की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ऐसे में स्वदेशी रक्षा उत्पादन को और मजबूत करने की आवश्यकता है ताकि देश की सैन्य शक्ति और अधिक प्रभावी बन सके।

रक्षा मंत्री ने बताया कि सरकार के प्रयासों से भारत का रक्षा उत्पादन लगातार नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है। वर्ष 2014 में जहां देश का रक्षा उत्पादन लगभग 46 हजार करोड़ रुपये था, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर रिकॉर्ड 1.78 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसी तरह रक्षा निर्यात भी 1,000 करोड़ रुपये से कम से बढ़कर 38,424 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत’ के विजन को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह एक्सट्रूज़न प्रेस नागपुर को देश के प्रमुख रक्षा विनिर्माण केंद्रों में शामिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना न केवल रक्षा उत्पादन को नई गति देगी, बल्कि देश की तकनीकी क्षमता, औद्योगिक विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को भी मजबूत बनाएगी।