RDU Convocation 2026: राष्ट्रपति की मौजूदगी में ऐतिहासिक बनेगा रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय का 36वां दीक्षांत समारोह
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RDU Convocation 2026
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 36वें दीक्षांत समारोह में होंगी शामिल।
स्वर्ण पदक धारकों को मिलेगा ऐतिहासिक संयुक्त छायाचित्र का अवसर।
विश्वविद्यालय में सुरक्षा और आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में।
Jabalpur / जबलपुर स्थित रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय का 36वां दीक्षांत समारोह इस वर्ष विद्यार्थियों के लिए एक ऐतिहासिक और यादगार अवसर बनने जा रहा है। 21 जून को आयोजित होने वाले इस समारोह में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। उनके साथ मध्य प्रदेश के राज्यपाल एवं कुलाधिपति मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार भी उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों और विभिन्न उपाधि धारकों को देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन राष्ट्रपति के साथ संयुक्त छायाचित्र का अवसर मिलेगा, जो उनके जीवन की अमूल्य स्मृति बन जाएगा।
विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि दीक्षांत समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। समारोह में भाग लेने वाले स्वर्ण पदक धारकों, पीएचडी उपाधि प्राप्तकर्ताओं और अन्य विद्यार्थियों की रिहर्सल 18 जून से शुरू होगी। राष्ट्रपति भवन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सीमित संख्या में स्वर्ण पदक विजेताओं को स्वयं पदक प्रदान करेंगी। हालांकि सभी स्वर्ण पदक धारकों और उपाधि प्राप्तकर्ताओं के लिए राष्ट्रपति के साथ लिया गया संयुक्त छायाचित्र इस समारोह को और भी विशेष बना देगा।
राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुरक्षा, प्रोटोकॉल और व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। परिसर में साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण, मार्गों की मरम्मत, अतिथि स्वागत और बैठक व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और अन्य एजेंसियां लगातार आयोजन स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दे रही हैं। विश्वविद्यालय परिसर को नए स्वरूप में सजाया जा रहा है ताकि यह अवसर विद्यार्थियों और अतिथियों के लिए अविस्मरणीय बन सके।
दीक्षांत आयोजन समिति के संयोजक प्रो. एस.एस. संधू और प्रो. राकेश बाजपेयी ने बताया कि समारोह में स्वर्ण पदकों के अलावा विभिन्न संकायों के पात्र विद्यार्थियों को डिग्रियां और शोधार्थियों को पीएचडी उपाधियां प्रदान की जाएंगी। विद्यार्थियों को निर्देश दिया गया है कि वे रिहर्सल के लिए निर्धारित समय से कम से कम आधा घंटा पहले पहुंचें। रिहर्सल के दौरान मंच संचालन, उपाधि ग्रहण करने की प्रक्रिया और पदक वितरण से जुड़ी सभी औपचारिकताओं का अभ्यास कराया जाएगा।
इस बीच विश्वविद्यालय के बीएड विभाग ने "योग से योग्यता तक दीक्षांत संकल्प-2026" अभियान का शुभारंभ भी किया है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और दीक्षांत समारोह को जोड़ते हुए इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा और आत्मविकास के साथ स्वस्थ जीवनशैली का संदेश देना है। विभागाध्यक्ष प्रो. अलका नायक ने कहा कि योग व्यक्ति को स्वयं से जोड़ता है, जबकि शिक्षा समाज से जोड़ती है। इसी भावना के साथ विशेष हस्ताक्षर अभियान भी शुरू किया गया है।
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय का यह दीक्षांत समारोह केवल डिग्री वितरण का कार्यक्रम नहीं होगा, बल्कि विद्यार्थियों के सपनों, उपलब्धियों और उज्ज्वल भविष्य का उत्सव भी बनेगा। राष्ट्रपति की उपस्थिति और राष्ट्रीय स्तर की विशिष्ट हस्तियों की मौजूदगी इसे विश्वविद्यालय के इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण आयोजनों में शामिल करने जा रही है।