प्रधानमंत्री मोदी बने भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति ने दी बधाई

Wed 10-Jun-2026,08:22 PM IST +05:30

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प्रधानमंत्री मोदी बने भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति ने दी बधाई Developed India 2047
  • उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी को ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी।

  • भारत की आर्थिक, सामाजिक और वैश्विक प्रगति की सराहना की।

  • विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में मोदी के नेतृत्व को महत्वपूर्ण बताया।

Delhi / Delhi :

Delhi / उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सेवा देने की ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने इसे भारत की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण और परिवर्तनकारी पड़ाव बताया।

अपने संदेश में उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले वर्षों में भारत ने आर्थिक विकास, आधारभूत संरचना निर्माण, सामाजिक कल्याण और तकनीकी प्रगति के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि आज भारत वैश्विक मंच पर पहले से कहीं अधिक मजबूत और आत्मविश्वास के साथ अपनी पहचान बना रहा है।

उपराष्ट्रपति ने विशेष रूप से प्रधानमंत्री की समावेशी विकास की नीति की सराहना की। उन्होंने कहा कि विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और जनहितकारी कार्यक्रमों के माध्यम से करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। उनके अनुसार, 25 करोड़ से अधिक लोगों का गरीबी रेखा से बाहर निकलना इस बात का प्रमाण है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास सफल रहा है।

श्री राधाकृष्णन ने प्रधानमंत्री मोदी के सांस्कृतिक और सभ्यतागत दृष्टिकोण की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत की समृद्ध विरासत, परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने का कार्य किया है। भूले-बिसरे नायकों को सम्मान देने, भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण जैसे प्रयासों ने राष्ट्रीय गौरव को और मजबूत किया है।

उपराष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र में प्रधानमंत्री द्वारा उद्धृत तमिल वाक्यांश “याधुम ऊरे, यावरुम केलिर” का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारत की प्राचीन सोच ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना को विश्व के सामने प्रस्तुत करता है। यह संदेश मानवता, भाईचारे और वैश्विक एकता की भारतीय परंपरा को दर्शाता है।

उन्होंने काशी तमिल संगमम, सौराष्ट्र तमिल संगमम, नए संसद भवन में सेंगोल की स्थापना और ऐतिहासिक धरोहरों की वापसी जैसी पहलों को भारत की सांस्कृतिक एकता को मजबूत करने वाला कदम बताया।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने नेतृत्व, समर्पण और ‘राष्ट्र प्रथम’ की सोच के माध्यम से देशवासियों में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया है। उन्होंने उन्हें समकालीन भारत का ‘युगपुरुष’ बताते हुए कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए उनका नेतृत्व देश के करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।

अंत में उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और राष्ट्रसेवा के निरंतर अवसरों की कामना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।