प्रधानमंत्री मोदी ने बजट 2026, भारत-ईयू समझौता और समाधान-केंद्रित विकास पर चर्चा
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार बजट पेश कर संसद में भारत के संसदीय इतिहास में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज कर रही हैं।
भारत–यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता युवाओं, किसानों और सेवा क्षेत्र के लिए वैश्विक अवसर और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम है।
Delhi/ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति का अभिभाषण न केवल नागरिकों के परिश्रम का प्रमाण है बल्कि युवाओं की आकांक्षाओं का भी सटीक प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा कि राष्ट्राध्यक्ष द्वारा दिए गए मार्गदर्शक बिंदु सांसदों के लिए सत्र को विशेष और महत्वपूर्ण बनाते हैं। यह बजट सत्र 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में अगले 25 वर्षों की रणनीति तय करने वाला पहला बजट है।
प्रधानमंत्री ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के लगातार नौवीं बार बजट पेश करने को ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने वर्ष की शुरुआत को सकारात्मक बताते हुए भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते को युवाओं और व्यवसायिक अवसरों के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने उद्योग जगत से उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों के साथ इस खुले बाजार में प्रवेश करने पर जोर दिया।
श्री मोदी ने कहा कि यह समझौता मछुआरों, किसानों, युवाओं और सेवा क्षेत्र में कार्यरत लोगों के लिए वैश्विक स्तर पर अपार अवसर खोलेगा। उन्होंने जोर दिया कि भारत का विकास और आत्मनिर्भरता प्रौद्योगिकी के साथ संतुलित मानव-केंद्रित दृष्टिकोण पर आधारित होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस केवल योजनाओं को कागज तक सीमित न रखने, बल्कि अंतिम छोर तक लागू करने पर है।
प्रधानमंत्री ने सांसदों को आह्वान किया कि वे समाधान-केंद्रित कार्यशैली अपनाएं और निर्णयों को प्रभावी ढंग से लागू कर देश के दीर्घकालिक विकास में योगदान दें। उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र और जनसंख्या विश्व के लिए उम्मीद और प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि सुधार की परंपरा और समाधान-केंद्रित निर्णयों के साथ यह सरकार लगातार विकास की नई ऊँचाइयों को छुएगी।
प्रधानमंत्री ने निष्कर्ष रूप में कहा कि यह समय व्यवधान और बाधाओं का नहीं, बल्कि संकल्प और समाधान का है। उन्होंने सांसदों और नागरिकों का धन्यवाद करते हुए सकारात्मक दृष्टिकोण और सतत सहयोग की अपील की।