सत्य निकेतन हादसा: PG संचालक सुधांशु गिरफ्तार, कमजोर इमारत को हथौड़ों से तोड़ने की कार्रवाई शुरू

Wed 09-Sep-2026,10:33 AM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

सत्य निकेतन हादसा: PG संचालक सुधांशु गिरफ्तार, कमजोर इमारत को हथौड़ों से तोड़ने की कार्रवाई शुरू Satya Niketan Building Collapse
  • सत्य निकेतन हादसे के बाद PG संचालक सुधांशु को पुलिस ने गिरफ्तार किया।

  • महेश के साथ कॉन्ट्रैक्टर और राजमिस्त्री को कोर्ट में पेश किया जा रहा है।

  • कमजोर इमारत को भारी मशीनों के बजाय हथौड़ों और औजारों से तोड़ा जा रहा है।

Delhi / Delhi :

Delhi / दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में पुलिस ने हादसे का शिकार हुई इमारत में चल रहे PG के संचालक सुधांशु को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और पूछताछ के बाद उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। हादसे के बाद जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है और इमारत से जुड़े लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, महेश ने अगस्त 2025 से इस बिल्डिंग को अपने दो बिजनेस पार्टनर्स शुभम त्यागी और सुधांशु को लीज पर दिया था। दोनों ने बिल्डिंग को लीज पर लेकर ‘Hostel Daze’ के नाम से PG संचालित किया था। पुलिस के अनुसार, फिलहाल शुभम त्यागी फरार बताया जा रहा है, जबकि सुधांशु को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब उससे PG संचालन और हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं को लेकर पूछताछ कर रही है।

इधर, बिल्डिंग के मालिक महेश की दो दिन की पुलिस कस्टडी भी बुधवार को समाप्त हो रही है। उसे साउथ कैंपस पुलिस स्टेशन से कोर्ट में पेश करने के लिए ले जाया गया है। महेश के साथ बिल्डिंग से जुड़े एक कॉन्ट्रैक्टर और एक राजमिस्त्री को भी कोर्ट में पेश किया जा रहा है। जांच एजेंसियां हादसे की परिस्थितियों और निर्माण से जुड़े पहलुओं को समझने के लिए इन लोगों से भी पूछताछ कर रही हैं।

कमजोर इमारत को तोड़ने का काम शुरू
सत्य निकेतन में जिस इमारत में पहले से दरारें सामने आई थीं, उसे हटाने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। कार्रवाई से पहले इमारत के अंदर मौजूद सारा सामान बाहर निकाल लिया गया है। सुरक्षा को देखते हुए आसपास की 5-6 इमारतों को भी खाली कराया गया है।

कमजोर इमारत को गिराने के लिए फिलहाल बुलडोजर या भारी मशीनों का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। जर्जर ढांचे को हथौड़ों और दूसरे छोटे औजारों की मदद से धीरे-धीरे तोड़ा जा रहा है। इसका मकसद आसपास की इमारतों और इलाके में मौजूद लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नियंत्रित तरीके से कार्रवाई करना है।

मौके पर MCD की टीम मौजूद है और गिरी हुई इमारत के बगल में मौजूद कमजोर बिल्डिंग को हटाने का काम जारी है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया है। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल कमजोर ढांचे को सुरक्षित तरीके से हटाने के साथ-साथ आसपास की इमारतों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

सत्य निकेतन हादसे के बाद PG और इमारतों की सुरक्षा को लेकर पहले ही कार्रवाई तेज की जा चुकी है। अब PG संचालक की गिरफ्तारी और कमजोर इमारत को हटाने की कार्रवाई से मामले की जांच और आगे बढ़ने की उम्मीद है।