तेजस्वी यादव बन सकते हैं राजद के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष, पटना में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक
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RJD Meeting
पटना में राजद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक.
तेजस्वी यादव को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने की संभावना.
लालू प्रसाद यादव की मौजूदगी में नेतृत्व परिवर्तन पर चर्चा.
Patna / पटना के मौर्या होटल में आज राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की एक बेहद अहम बैठक आयोजित की गई है। इस बैठक को पार्टी के भविष्य की दिशा तय करने वाली बैठक माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इसी बैठक में तेजस्वी यादव को राजद का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। बैठक की अध्यक्षता खुद राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव कर रहे हैं और माना जा रहा है कि इस प्रस्ताव पर अंतिम मुहर भी उन्हीं की सहमति से लगेगी।
करीब दो दशक से अधिक समय से राजद की कमान संभाल रहे लालू प्रसाद यादव अब स्वास्थ्य कारणों और बदलते राजनीतिक हालात को देखते हुए नेतृत्व की जिम्मेदारी धीरे-धीरे अगली पीढ़ी को सौंपने के मूड में नजर आ रहे हैं। इस बैठक को उसी औपचारिक प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें पार्टी की विरासत को संस्थागत रूप से तेजस्वी यादव के हाथों में सौंपा जाएगा।
बैठक में देशभर से आए लगभग 200 प्रतिनिधि, कार्यकारिणी सदस्य और वरिष्ठ नेता शामिल हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, पार्टी संगठन की मजबूती, आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों की रणनीति, सामाजिक न्याय के एजेंडे को नए सिरे से धार देने और युवाओं को पार्टी से जोड़ने जैसे अहम मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हो रही है।
तेजस्वी यादव पहले ही बिहार की राजनीति में खुद को एक मजबूत नेता के रूप में स्थापित कर चुके हैं। नेता प्रतिपक्ष के तौर पर उन्होंने सरकार को कई मुद्दों पर घेरा है और युवा, रोजगार, शिक्षा और सामाजिक न्याय को अपनी राजनीति का केंद्र बनाया है। हालांकि अब तक उनके पास संगठन स्तर पर राष्ट्रीय फैसले लेने की औपचारिक शक्ति नहीं थी। यदि उन्हें कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाता है, तो यह स्थिति पूरी तरह बदल जाएगी। इसके बाद वे न सिर्फ बिहार, बल्कि पूरे देश में राजद की रणनीति, संगठन विस्तार और चुनावी फैसलों में निर्णायक भूमिका निभा सकेंगे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि तेजस्वी यादव को यह जिम्मेदारी सौंपकर राजद एक बड़ा संदेश देना चाहता है—खासतौर पर युवाओं को। पार्टी यह दिखाना चाहती है कि वह नेतृत्व परिवर्तन के लिए तैयार है और नई पीढ़ी को आगे लाकर भविष्य की राजनीति में अपनी प्रासंगिकता बनाए रखना चाहती है।
पार्टी सूत्रों का दावा है कि इस प्रस्ताव को लेकर कार्यकारिणी में किसी बड़े विरोध की संभावना नहीं है और सर्वसम्मति से इसे पारित किया जा सकता है। यदि ऐसा होता है, तो यह राजद के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ होगा, जहां लालू प्रसाद यादव की राजनीतिक विरासत औपचारिक रूप से तेजस्वी यादव के नेतृत्व में आगे बढ़ती दिखाई देगी।