बागेश्वर धाम के पास फायरिंग मामला: धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग समेत 4 पर हत्या के प्रयास की FIR दर्ज
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Bageshwar Dham News
जमीन विवाद में फायरिंग के मामले में शालिग्राम गर्ग समेत चार लोगों पर FIR दर्ज।
घायल किसान ने हत्या के प्रयास और मारपीट के गंभीर आरोप लगाए।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच और आरोपियों की तलाश शुरू की।
Chhatarpur / राजनगर थाना पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के अनुसार, घटना 14 जुलाई की दोपहर करीब एक बजे की है। शिकायतकर्ता मोतीलाल कुशवाहा का आरोप है कि अंकित मिश्रा, सतीष घोषी और एक अन्य व्यक्ति उनके घर पहुंचे और कहा कि "छोटे सरकार" यानी शालिग्राम महाराज उन्हें प्राथमिक स्कूल के पास बुला रहे हैं। इसके बाद मोतीलाल अपने छोटे भाई अमन और मां शांति कुशवाहा के साथ निर्धारित स्थान पर पहुंचे।
एफआईआर में दर्ज आरोपों के मुताबिक, मौके पर पहुंचते ही शालिग्राम गर्ग ने कथित तौर पर गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद उन्होंने अपने साथियों को हमला करने के लिए कहा। शिकायत में दावा किया गया है कि आरोपी पक्ष ने लाठी-डंडों से मारपीट की, जिससे मोतीलाल घायल हो गए।
घायल किसान का आरोप है कि मारपीट के दौरान शालिग्राम गर्ग ने कमर से पिस्टल निकाली और उनके पेट पर सटाकर गोली चला दी। गोली उनके दाहिने सीने के नीचे लगी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
मोतीलाल के अनुसार, शोर सुनकर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी कथित रूप से अपनी चारपहिया गाड़ी छोड़कर वहां से फरार हो गए। साथ ही उन्होंने जान से मारने की धमकी भी दी। घायल किसान को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर शालिग्राम गर्ग, अंकित मिश्रा, सतीष घोषी और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीमें सक्रिय हैं और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
इस मामले में जमीन विवाद भी चर्चा का विषय बना हुआ है। घायल किसान मोतीलाल कुशवाहा का आरोप है कि क्षेत्र के किसानों पर जमीन बेचने का दबाव बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि जो किसान जमीन बेचने से इनकार करते हैं, उन्हें धमकियां दी जाती हैं और दबाव बनाने की कोशिश की जाती है। मोतीलाल का दावा है कि इसी विवाद के चलते उन पर हमला किया गया।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और सभी आरोपों की सत्यता की पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां और जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी। यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और स्थानीय लोग भी जांच के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं।